हरेला पर्व पर सेवा भारती ने किया वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प । "हम केवल पेड़ लगाने नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्वच्छ वातावरण की नींव रखने आए हैं"

 हरेला पर्व पर सेवा भारती ने किया वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प


पुरोला, उत्तरकाशी | 23 जुलाई 2026

हरेला पर्व के अवसर पर सेवा भारती द्वारा नगर पालिका वार्ड संख्या-2, पुरोला में विभिन्न प्रजातियों एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती के जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद ने की।


इस अवसर पर टौंस वन प्रभाग के वनाधिकारी डी.पी. बलूनी, सेवा भारती के सह विभाग मंत्री आचार्य लोकेश बड़ोनी, एसडीओ, रेंज अधिकारी अमिता चौहान, सेवा भारती के उपाध्यक्ष जयवीर कैन्तुरा, समाजसेवी गजेन्द्र सिंह चौहान, सह जिला मंत्री बलवीर कंडियाल, मीना सेमवाल, अर्चना, प्रभा, सुषमा भवानी, ललिता सहित अनेक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर वनाधिकारी डी.पी. बलूनी ने कहा कि आज हम केवल पेड़ लगाने नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्वच्छ वातावरण की नींव रखने आए हैं। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड का प्रकृति से जुड़ाव का सबसे पवित्र पर्व है, जो हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ों में बढ़ते भूस्खलन, सूखते जलस्रोत और कम होती वर्षा का एक बड़ा कारण वनों की कटाई है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य आसानी से पूरा किया जा सकता है।

सेवा भारती के सह विभाग मंत्री आचार्य लोकेश बड़ोनी ने कहा कि सेवा भारती पिछले पाँच वर्षों से हरेला पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है। उन्होंने सभी से "एक व्यक्ति–एक पौधा" का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी एक वर्ष तक परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि पौधों का संरक्षण नहीं होगा तो वृक्षारोपण का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सेवा भारती के सह जिला मंत्री बलवीर कंडियाल ने सभी अतिथियों, वन विभाग के अधिकारियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

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