गजेंद्र सिंह चौहान पुरोला
वर्ष 2025 के शुरुआत में हुए पालिका चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर नगर पालिका पुरोला के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद बिहारी लाल शाह की लोकप्रियता में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है।
विदित हो कि नमो न्यूज पर एक वर्ष पूर्व भी इसी तरह के एक आलेख में बिहारी लाल शाह की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में एक आलेख छपा था । हमारे सुदी पाठकों ने उस वक्त का ओ आलेख पढ़ा होगा जिसमें बिहारी लाल शाह की चुनाव की सुगबुगाहट से पूर्व ही हर मतदाता तक बन चुकी पहुंच पर विस्तृत प्रकाश डाला गया । नमो न्यूज के उक्त आलेख की सत्यता बाद में नगर पालिका अध्यक्ष पुरोला के चुनाव परिणाम में पुष्ट हो गई थी ।
पुरोला विधानसभा में तेजी से घटे घटनाक्रम ओर 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बार फिर से चर्चा प्रारंभ हो चुकी हैं। जाहिर सी बात है पुरोला विधानसभा में वर्तमान व पूर्व के जनप्रतिनिधियों ओर भाजपा - कांग्रेस के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारियों की लोकप्रियता एवं अलोकप्रियता का विधानसभा चुनाव पर सीधा प्रभाव पड़ता हैं।
नमो न्यूज के सम्मानित पाठकों को याद होगा कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जनता में व्यापक आक्रोश था । पुरोला विधानसभा में भाजपा पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ व्यापक आक्रोश की चिंगारी यमुनोत्री, गंगोत्री व चकराता विधानसभा तक फैल गई थी, परिणामस्वरूप चारों विधानसभाओ में भाजपा का अब तक का सर्वाधिक खराब प्रदर्शन रहा।
अब बात बिहारी लाल शाह की करे तो वे पुरोला के एकमात्र जनप्रतिनिधि हैं जिनकी लोकप्रियता में पद पर बैठने के बाद इजाफा हुआ है। अब देखना ये है कि बिहारी लाल शाह की बढ़ती लोकप्रियता का कांग्रेस कैसे लाभ उठाती हैं व भाजपा अपने नेताओं के प्रति पनप रहे आक्रोश का क्या हल निकालती हैं।

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