पुरोला के दंगल में कौन देगा हिमानी को चुनौती। कांग्रेस के बिहारी का भाजपा के अमीचंद से होगा मुकाबला या अमीचंद खुद की पार्टी में बनेंगे बेगाने । अगर पूर्व विधायक मालचंद के नेतृत्व में भाजपा हुई एक तो क्या होगा परिणाम। पूर्व प्रमुख लोकेंद्र रावत कांग्रेस में रहेंगे यथावत या भाजपा का देंगे साथ । Who will challenge Himani in Purola's riot? Congress' Bihari will face competition from BJP's Amichand or Amichand will become a stranger in his own party. What will be the result if BJP unites under the leadership of former MLA Malchand? Former chief Lokendra Rawat will remain in Congress or will support BJP.

  गजेन्द्र सिंह चौहान पुरोला 

नगर पालिका चुनाव अधिसूचना जारी होने में बस चंद ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में नमो न्यूज लगातार सभी पहलुओं पर अपना सटीक विश्लेषण सम्मानित पाठकों के सम्मुख प्रस्तुत करता आया है। इसी कड़ी में एक बार पुनः यहां के नेताओं दीपक बिजल्वाण, सतेंद्र राणा, दुर्गेश्वर लाल, राजकुमार व मालचंद का धन्यवाद ज्ञापित करना जरूरी हो जाता हैं, क्योंकि इन्हीं लोगों के अच्छे व बुरे सभी कार्यों की वजह से पुरोला को उत्तराखंड में एक विशेष पहचान मिली है।


बहुत समय पहले हमने पुरोला के रण में 4 महारथियों के संदर्भ में चर्चा प्रस्तुत की थी । एक बार पुनः ये जानने की कोशिश करेंगे कि अगर नगर पालिका पुरोला की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होती है तो फिर पूर्व विधायक मालचंद, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पीएल हिमानी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमीचंद शाह व  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिहारी लाल शाह की क्या होगी भूमिका।

सर्वप्रथम ये जानने की कोशिश करेंगे कि भाजपा का टिकट किसे मिलेगा व इसमें भाजपा के उपरोक्त तीन दिग्गजों की क्या भूमिका होगी । यहां ये भी जानना जरूरी है कि कांग्रेस के एकमात्र चेहरे बिहारी लाल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी क्योंकि वे कांग्रेस के एकमात्र चेहरे होंगे ।

अब बात भाजपा की करे तो उपरोक्त तीनों चेहरे लंबे समय से एक दूसरे के प्रतिस्पर्धी रहे हैं। ऐसे में टिकट वितरण में तीनों अपने पक्ष में भरपूर कोशिश करेंगे।

यहां ये भी विदित है कि पुरोला की राजनीति के अधिकांश चेहरे भाजपा में जा चुके है। यहां एक चेहरा ऐसा है जिसने अभीततक भाजपा का दामन नहीं थामा है।ऐसे में पूर्व प्रमुख लोकेंद्र रावत पर सबकी निगाहे केंद्रित रहेंगी । देखना ये है कि भाजपा ने दबाव की राजनीति खेल अभितक हर चेहरे को कांग्रेस से भाजपा में लाया है, किंतु लोकेंद्र रावत अभितक कांग्रेस में अडिग है, ये तो अब समय ही बताएगा कि भाजपा उन्हें हिलाने में सफल होती है या नहीं ।

खैर अगले एक दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी व खबर लिखे जाने तक नगर पालिका पुरोला के अध्यक्ष की सीट महिला के लिए आरक्षित है ।


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