सावधान, पुरोला में सुबह- श्याम घूमना फिरना हुआ बंद । नगर में बेखौफ घूम रहा बाघ बना आतंक का प्राय । पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बाघ बना बड़ी चुनौती। Be careful, there is no movement in Purola in the morning and evening. The tiger roaming fearlessly in the city became a source of terror. Tiger becomes a big challenge for children going to school on foot.


  गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला 

बुधवार सुबह 9 पुरोला नगर में दिन दहाड़े बाघ दिखने से आम लोगों भारी दहशत है । दिन के 9 बजे बाघ दिखने की घटना से लोगों का प्रातःकालीन भ्रमण पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं सुबह के वक्त स्कूल जाने वाले बच्चों के आगे भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

गौरतलब है कि बुधवार सुबह 7 बजे  पीकेडी रोड के मालगाड़ पर स्थित पुल पर बाघ देखते ही लोगों के होश उड़ गए थे । यही नहीं घटना के थोड़ी ही देर बाद सुबह के 9 बजे जब स्कूली बच्चों के स्कूल जाने का समय हो रहा था तब फिर सड़क से मात्र 20 मीटर दूरी पर बाघ दिखने से दहशत फैल गई है।


 यद्यपि उक्त बाघ के द्वारा किसी मानव पर हमला करने की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है किंतु दिन दहाड़े मानव बस्ती के निकट बाघ दिखना खौफ पैदा कर रहा है । सुबह के समय बाघ दिखने की लोकेशन से होकर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे अपने अपने स्कूलों को पैदल आते जाते है, अब बच्चों के साथ अभिभावकों को स्कूलों तक स्वयं आना जाना पड़ रहा है ।

इससे एक दिन पहले उक्त बाघ ने  दिन दहाड़े दोपहर 3 बजे  दणमाणा गांव में एक बकरा मार डाला, बाघ द्वारा दिन दहाड़े बस्तियों में घुसने के ऐसी घटना कभी पहले नहीं देखी गई है । 

कृषक रमेशदत्त नोटियाल ने बताया कि जहां पर बाघ देखा गया है वह स्थान पुरोला गांव से मात्र 20 मीटर दूर है व जीनियस पब्लिक स्कूल मात्र 150 मीटर दूर है। उन्होंने कहा कि इस तरह से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ