पुरोला की जनता की वर्षों से लंबित मांग है मेडिकल कॉलेज खोलने की । जिसे यहां के यशस्वी नेताओं ने कर दिया है दफन । मुद्दा अभी जीवित भी है ओर मेडिकल कॉलेज पुरोला की आर्थिक तरक्की से जुड़ा हुआ सवाल भी है । There is a long pending demand of the people of Purola to open a medical college. Which has been buried by the famous leaders here. The issue is still alive and there is also a question related to the economic progress of Medical College Purola.

 गजेंद्र सिंह चौहान पुरोला 


आप सभी इष्टजनों को मेरा प्रणाम। विगत के वर्षों में आप सभी के सहयोग ने सदैव मेरा मनोबल ऊंचा बनाए रखा । आप सभी के सहयोग व आशीर्वाद से हमने विभिन्न जनसमस्याओं के प्रति शासन व सत्ता में बैठे हुक्मरानों का ध्यानाकर्षण करने में सफलता अर्जित की ।  अब नगर पालिका पुरोला के आसन्न चुनावों के मद्देनजर अध्यक्ष पद के अनारक्षित होने की दशा में रंवाई जन एकता मंच ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत किया ।  । रंवाई जन एकता मंच ने वर्ष 2017 में राजनीति में व्याप्त आर्थिक भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रत्याशी खडाकर एक इतिहास रचा था । आज उसी इतिहास को दौराने का समय है व ये आप सभी इष्टजनों के आशीर्वाद से ही संभव होगा । मैं न कोई वादा कर रहा हूं ओर न कोई घोषणा। मैं एक बात जरूर कह रहा हु कि विगत वर्षों में पुरोला विधानसभा की जो सबसे बड़ी मांग मेडिकल कॉलेज खोलने की रही है, मै मेडिकल कॉलेज की मांग को पुनः आवाज दूंगा व इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आप सभी इष्टजनों के आशीर्वाद से अपनी शक्ति लगा दूंगा ।
पुरोला नगर की एक अन्य ज्वलंत समस्या वर्षाकाल में सड़क में पानी जमा होना है उसपर नगर के कुछ संभ्रांत नागरिकों ने अपनी छतों का पानी ऊपर से ही सड़क की और कर रखा है,जिससे पैदल आवाजाही मुश्किल हो जाती हैं। मेरी प्राथमिकता में पहले तो ऐसे संभ्रांत नागरिकों को ऐसा न करने को प्रेरित न करना है ओर यदि वे अपने नागरिक कर्तव्यों से मुख मोड़ते हैं तो हर संभव तरीके से इस समस्या का समाधान करूंगा।
नगर के भीतर सार्वजनिक शौचालयों की बुरी दशा है। नगर के भीतर सार्वजनिक शौचालयों के अनुरक्षण व पुनर्निर्माण पर विगत के वर्षों में करोड़ों रुपए तो खर्च कर दिए गए मगर साफ सफाई पर एक भी ढेला खर्च नहीं किया गया है। नतीजन नगर के सभी शौचालय बीमारी को आमंत्रित कर रहे है।
इष्टजनों नगर पालिका हो या नगर निगम इनका मुख्य कार्य इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं है अपितु नागरिकों द्वारा जिन इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण व उपयोग किया जा रहा है उनको सुविधाएं देकर उनके रहन सहन को स्वच्छ , सुंदर व सुगम बनाना है। लेकिन विगत के वर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिस कारण नगर के मोरी रोड स्थित कचरा निस्तारण केंद्र से होकर गुजरना सुरक्षा व स्वास्थ्य के दृष्टिगत एक बड़ा खतरा बन गया है। विगत के वर्षों में पालिका के मूल कार्यों साफ सफाई पर बजट को केंद्रित नहीं किया गया जिस कारण स्वच्छ सुंदर पुरोला का नारा कही से भी पूर्ण नहीं हुआ है।  आप सभी के आशीर्वाद से पुरोला को पर्यटन के मानचित्र पर उच्च स्थान दिलाने के लिए यहां की निर्मल धारा जिसे पुरोला की जीवन रेखा कहते है, जिसे आप कमल गंगा के नाम से जानते है के तट पर लंबित वोट क्लब बनाने की योजना को परवान चढ़ाया जाएगा ।
पुनः आप सभी का दिन शुभ हो ।
धन्यवाद


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ