गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला
सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नोटियाल ने दूरभाष के माध्यम से सुनाली गांव में प्लास्टिक के चावल मिलने की बात कही है । उन्होंने कहा कि उक्त चावल को माचिस से जलाया गया तो प्लास्टिक की तरह जलने लगे हैं ।
उन्होंने कहा कि ये चावल अन्य चावलों के साथ मीले हुए हैं व भिगाने पर ऊपर आ रहें है । उन्होंने ये भी बताया कि भले ही इस प्रकार के चावल बहुत कम मात्रा में मिश्रित है पर ये किसी के लिए भी जानलेवा हो सकते हैं ।
Disclaimer: नमोन्यूज उक्त चावलों के सिंथेटिक या प्लास्टिक के होने की पुष्टि नही करता है । उक्त चावलों के सिंथेटिक या प्लास्टिक होने की पुष्टि जॉच का विषय है ।

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