हिमाचल सरकार की किसानों को बड़ी सौगात । गाय-भैंस के दूध का समर्थन मूल्य पुरोला के किसानों को मिल रहे बाजार मूल्य से रखा कम । Big gift to farmers from Himachal government. The support price of cow-buffalo milk was kept lower than the market price being received by the farmers of Purola.

गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला/उत्तरकाशी

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू ने किसान आंदोलन से प्रेरित होकर दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणा की है । उन्होंने गाय के दूध का समर्थन मूल्य 45 रुपये प्रति लीटर व भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 55 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है ।


हिमाचल विधानसभा का इस वक्त बजट सत्र चल रहा है व मुख्यमंत्री ने ये घोषणा विधानसभा में की है । हो सकता मुख्यमंत्री इस बात के लिए खुद की पीठ थपा रहे हो मगर दूध का इतना कम समर्थन मूल्य गाय-भैंस व किसान तीनो का भारी अपमान है ।

यहां मैं बता दु की वर्तमान में पुरोला में दूध का न्यूनतम बाजार भाव 50 रुपये प्रति किलो है । जो कि हिमाचल सरकार के समर्थन मूल्य से हर दृष्टि से अधिक है । पुरोला में 20 से 50 प्रतिशत शुद्ध पानी मिला दूध 50 रुपये किलो बिकता है । कुछ ऐसे किसान जो दूध में पानी नही मिलाते हैं वे भी गाय का दूध 50 व भैंस का दूध 60 रुपये किलो बेचते हैं ।

कुल मिलाकर हिमाचल सरकार का एमएसपी पुरोला के दूध को मिल रहे दूध से कम है , इससे पता चलता है कि दूध की कीमतें निर्धारित करने में हिमालय सरकार पुरोला के किसानों से अभी बहुत पीछे है ।


अस्वीकरण: उपरोक्त कथन स्थानीय धारणाओं व बाजार के उपलब्ध उत्पादों के दृष्टिगत है । लेख में लिखी क्वांटिटी व गुणवत्ता जांच के विषय है व इसको किसी सरकार या व्यक्ति को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नही लिखा गया है ।



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