पुरोला, थाती माता के वास्तु पर आधारित पुरोला व सम्पूर्ण रंवाई घाटी में नियमित अंतराल पर थाती माता की पूजा की जाती है । सम्पूर्ण रंवाई घाटी की लगभग 365 थातियो की स्थापना व पूजन स्वतंत्रता सेनानी पंडित ब्रह्मीदत उनियाल द्वारा की गई थी , यहां के गांवो में थाती पूजन अलग अलग गांवो में तीसरे, पांचवे व सातवे साल के अंतराल पर होती है ।
कालांतर में पंडित ब्रह्मीदत के नाती हरिकृष्ण उनियाल द्वारा उनके द्वारा स्थापित थातियो की पूजा की जा रही है । धिवरा गांव की थाती की पूजा इन्ही के सुपुत्र पंडित भुवनेश उनियाल द्वारा की जा रही है जो कि नगर पंचायत पुरोला के निर्वाचित सभासद भी है ।
धिवरा गांव में थाती पूजन का आज चतुर्थ दिवस है, थाती पूजन में इष्टदेव राजा रघुनाथ, सोमेश्वर महाराज व भीमा काली भी अपने थानों से सामिल होने को धिवरा की थाती में पधारे है ।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गोविन्द पँवार ने बताया कि धिवरा की थाती की महिमा अपरंपार है, यहां की थाती की ग्रामवासियों के ऊपर अपार कृपा है ।
उन्होंने बताया कि थाती पूजन के अवसर पर पांडवों की पश्वा के औतार का सबसे बड़ा महात्म्य हैं, उन्होंने कहा कि थाती पूजन के आयोजन पर सबसे पहले पांडवों की पश्वा औतार देती है उसके बाद थाती जो कि भूमिगत होती है कि खोला जाता है, उन्होंने बताया कि थाती पूजन के समापन के दिन विधिवत पाठ पूजा व विशेष हवन के बाद थाती को ढका जाता है ।



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