नया सबेरा आएगा,कोरोना काल मे देश का हर तबका इसके प्रभाव से परेसान रहा । बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर किसी ने ऐसी परेसानी झेली की बयां नही कर सकते ।
कोरोना काल मे सर्वाधिक परेसानी उन मजबूर महिलाओं को उठानी पड़ी जो गर्भवती थी लेकिन मजबूर होकर अपने गन्तव्य को प्रस्थान करना पड़ा ।
सर्वाधिक नुकसान जिस उद्योग को पड़ा ओ है कोचिंग उद्योग । देशभर में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए कोचिंग उद्योग में लाखों लोग रोजगार पा रहे हैं लेकिन लोक डाउन में कोचिंग उद्योगों में काम करने वाले टीचरों को न तो कोई वेतन मिला ओर ना ही किसी ने उनकी सुध ली ।
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