मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा दो दिन पहले की गई घोषणा का असर धरातल पर अभी नजर नही आ रहा है । मुख्यमंत्री ने किसानों को बिना ब्याज के 3 लाख रुपये ऋण देने की घोषणा की थी ।
बैंक अधिकारियों से इस बाबत संपर्क किया गया तो उन्होंने इस बाबत किसी दिशानिर्देश के मिलने से इनकार किया ।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि अखबारों के माध्यम से उन्हें भी ये मालूम हुआ है कि सरकार किसानों को 3 लाख रुपये का बिना ब्याज के ऋण देगी पर आधिकारिक रूपसे उन्हें इस तरह के निर्देश नही है ।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक लाख रुपये से ऊपर के ऋण पर मॉर्गेज का प्रावधान है उस पर भूमि का रकबा भी ज्यादा होना चाहिए ।
बैंक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर किसानों के पास बहुत कम भूमि हैं जिस आधार पर उनका केसीसी 25 से 50 हजार तक बनता है । एक लाख तक के कर्ज पर मॉर्गेज न होने की बजह से किसानों को एक लाख तक के ऋण दिये गए पर 3 लाख के ऋण के लिये मॉर्गेज जरूरी है ।
ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा का लाभ किसानों को कैसे सम्भव हो पायेगा इस पर अगले कुछ दिनों में पता चल जायेगा ।

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