किसानों के नाम पर राजनीतिक दल व नेता जो रोटियां सेक रहे हैं वो निसन्देह एक घृणित अपराध है जिसका कोई सबुत नही इसलिए कोई अपराधी भी नही ।
नेता चाहे पक्ष का हो या विपक्ष का सभी किसानों के अपराधी है , क्योंकि आजतक कभी सुनने को नही मिला कि कोई नेता किसानों के बीच गया हो व उन्हें किसानों के बारे में बने कानूनों की पूर्ण जानकारी दी हो ।
कभी किसी नेता ने कानून की किताब किसानों के सामने खोली हो ओर उन्हें बताया हो कि इस कानून का ये भाग गलत या सही है ।
ऐसा कभी नही सुना है कि किसी नेता ने बताया हो कि अमुक कानून के बनने से किसानों को फायदा ये है ओर नुकसान ये है ।
किसानों को भी चाहिए कि वो किसी भी नेता के बहकावे में आने से पहले हर कानून को पहले खुद पढे व तब तय करे कि ये कानून हमारे लिए सही है या गलत है ।

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