विकास खंड सल्ट ग्राम डभरा सौराल आजादी के 74 साल बाद भी सड़क की राह देख रहा हैं
य०ूके०डी (डेमोक्रेटिक) कुमाऊँ मंडल अध्यक्ष बरुण तिवारी व उनके सहयोगी ग्राम निवासी हीरा सिंह ग्राम डभरा सौराल पोस्ट आफिस टोटाम।
अल्मोड़ा जिला के गांव डभरा सौराल मे 74 साल से सड़क नहीं आ सकी, जो कि बड़ा ही दुःखद हैं पहाड़ी जिलों के लिये। दिनांक 27-07-2017 को ग्राम सौराल मैं एक अहम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रोड से घोडीधारतोक बगडियातोक दरजियाधोडतोक चोरयमतोक बढेगाडतोक जिबलखालतोक डानतोक मैं एक सड़क की मांग का प्रस्ताव पास किया गया उपरोक्त
मिटिगं समस्त ग्राम वासियों की सहमति से की गयी।
सभी ग्राम वासियों ने कई बार जनप्रतिनिधि क्षेत्र बीजेपी कांग्रेस के सांसद,विधायक जिला अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी से सड़क की मांग की परन्तु आज तक हमारी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई!
सभी ग्राम वासियों की सड़क निर्माण एक अति आवश्यक मांग है उपरोक्त ग्राम वासी सड़क निर्माण हेतु भूमि देने को तैयार हैं, हमारे गांव में सड़क और अस्पताल न होने से हम
सभी ग्राम वासियों को अनेकों बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है परन्तु सड़क न होने की वजह से गांव वाले पलयान करने के लिए मजबूर हैं सौराल गांव विगत कई वर्षों से मुख्य रोड से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं!
ग्रामवासीयो का जिनका अधिकांश रोजमर्रा के कार्यों की निर्भरता रामनगर बाजार से है किन्तु रोड के अभाव में हमें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है!
गांव के लोग मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु
पैदल मार्ग से चल कर हेतु पहाड़ी/पथरीली/ऊबड़-खाबड़ रास्तों में बरसात के दिनों में आवाजाही काफी कष्टदायक हो जाती है!
जिस कारण स्कूल के बच्चों/बुजुर्ग/बिमार लोग व प्रसव पीड़ित महिला को रोड तक पहुंचाने में बड़ी कठिनाई उत्पन्न होती है उपरोक्त ग्राम वासियों में अधिकतर लोग ऐसे भी हैं जो सौराल मुख्य रोड से 9 किलोमीटर दूरी चढ़ाई पर है!अगर गांव में रोड आ जाती है तो हमारे युवा पीढ़ी जो पलायन कर रहे हैं वो अपने गांव मैं ही स्वरोजगार कर सकते हैं उपरोक्त ग्राम सभा के लोग गांव में सड़क न होने से राज्य सरकार /केन्द्र सरकार की किसी भी सेवा का लाभ उठाने में असमर्थ हैं!
ग्राम वासी राज्य और केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ भी नहीं उठा पाते हैं क्योंकि की रोड से गांव के ऊपर के लिए बहुत कठिन चढ़ाई का रास्ता है!
राज्य सरकार की स्वास्थ्य चिकित्सा सेवा 108 ख्वाब ही रह गया हैं। यदि किसी बुजुर्ग /मरीज/ प्रसव पीड़ित महीला की चिकित्सा हेतु बुलाया जाता है तो गांव से रोड तक लाने में ही मरीज के दम तोड ने की सम्भावना बनी रहती है, गांव से 43 किलोमीटर दूर रामनगर बाजार तक पहुंचने में मरीज रास्ते मे दम तोड देता है।
गांव वालों ने लोकडाऊन में गांव से 2/3km रोड निर्माण कार्य भी किया था हमें शासन प्रशासन से कोई भी मदद नहीं मिली जिसे गांव वालों ने रोड निर्माण कार्य रोक दिया गया।
वर्तमान केन्द्र सरकार/राज्य सरकार के नेतृत्व में सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 50,से 100 कि-मी० सड़क का निर्माण प्रतिदिन करने का दावा कर रही हैं। परंतु जमीन मे कुछ काम नहीं हो पा रहा हैं।
यह गांव आज तक सड़क सुविधा से बंचित है तथा सड़क सुविधा के अभाव में गांव वासी पलायन होने को मजबुर है हम आजादी के 74 बर्ष बाद भी आशान्वित हैं कि एक न एक दिन राज्य सरकार/केन्द्र सरकार हमारी ज्वलनत समस्या का संज्ञान लेगी और इन समस्त गांव को सड़क मार्ग से जोड़गी जिसके लिए हम समस्त गांववासी को बहुत ही फ़ायदा होगा,

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