पुरोला,
वैसे तो ये हर भ्रष्ट अधिकारी खुद कहता है कि जितनी कमाई पुरोला में है उतनी कहि भी नही है, तमाम भ्रष्ट अधिकारी इसका श्रेय यहां के कथित नेताओं या समाजसेवीयो को देते हैं, भ्रष्ट अधिकारी बताते हैं कि यहाँ के तमाम नेता खुद आकर घुस जबरदस्ती देकर जाते हैं ।
ये तो रही अधिकारियों व नेताओं के गठजोड़ की कहानी पर यहां विधायक निधि का आलम देखे तो ओर भी कष्टदायक है, जो निधि सार्वजनिक कार्यो के लिए थी उस निधि से कुछ नेताओं के शौचालय तो कुछ के घरों की बाउंड्री वाल तक बनी हुई है , गलती से भी कोई गरीब दावा नही कर सकता कि उसका भी भला विधायक निधि से हुवा ।
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विधायक निधि को किस तरह से कुछ अधिकारियों ने लूट की निधि समझ रखा इसका उदाहरण पुरोला के एक निजी स्कूल के नाम पर आवंटित हुई विधायक निधि है ।
हमारी खोजबीन से पता चला कि पुरोला विधायक राजकुमार बतौर मुख्य अतिथि उक्त विद्यालय के वार्षिक उत्सव में शामिल हुए थे व विधायक निधि से विद्यालय के लिए धन देने की घोषणा की ।
इस बीच उक्त विद्यालय ने करोड़ों की लागत के साथ खुद का निर्माण कार्य शुरू कर दिया , पँचायत मंत्री ने इस बात का फायदा उठाते हुए उक्त निर्माण का फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन को ठिकाने लगा दिया ।
बाद में जो भी सेटलमेंट हो पर बताते चले कि उक्त पंचायत मंत्री से पुरोला के काफी लोग परेशान रहे हैं, देखना ये हैं कि कितने लोग आवाज को मुखर करते हैं ।

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