पुरोला पशु अस्पताल बना तो पशुओं के इलाज के लिए है पर हकीकत कुछ अलग ही बयां हो रही है ।
छिबाला निवासी बृजमोहन जगूड़ी ने वीडियो जारिकर बताया कि उनकी माताजी से नॉट फ़ॉर सेल दवाओं के 200 रुपये वसूले गए हैं । उन्होंने सरकार से पुरोला पशु अस्पताल में फ्री की दवाओँ की कालाबाजारी रोकने के लिए यथासंभव उपाय करने की मांग की तथा डॉक्टरों द्वारा फीस वसूलने पर भी रोक लगाने की मांग की ।
पुरोला ,नौगांव व बडकोट में चालान के नाम पर आए दिन पुलिस के हाथ लूट रही है गरीब जनता ।
पुरोला
पुरोला, नौगांव व बडकोट में पुलिस द्वारा गरीब लोगों पर चालान के नाम पर हो रहे अत्याचार कब महाविस्फोट का रूप ले ले ये कोई नही बता सकता है । इतना जरूर है कि गरीब जनता के अंदर जनता को बेवजह लूटने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है ।
दरसल पुरोला थाने के अंतर्गत कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा चन्देली गांव से कुछ पीछे नित्य जोगियाडा खाले के पास एक चालान कैम्प लगाया जाता है , जहां पर चालान के नाम पर गरीब जनता को लूटा जाता है ।
चालान कैम्प को अगर देखा जाय तो जिस स्थान पर ये चालान कैम्प लगाया जाता है वहां तो किसी भी दृष्टी से उचित नही है ।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पुरोला पुलिस के किसी भी अकेले कर्मी में देशभक्ति का थोड़ा भी जज्बा है तो चालान कैम्प को सुनारा छानी व मोरी बैरियर के पास लगाए जो कि सुरक्षा के मद्देनजर भी सही है ।
पुरोला के अतिरिक्त नौगांव व बडकोट में भी गरीब जनता को लूटने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारी गुस्सा है व कभी भी महाविस्फोट हो सकता है ।।
चालान काटकर बेवजह परेसान करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए बुरी खबर , पीड़ित को देना पड़ सकता है मुआवजा* ।
दिल्ली के एक वकील ने बिना मॉस्क अकेले कार चलाने पर 500 रुपये का चालान काटने पर सरकार से 10 लाख के मुआवजे की मांग की है ।
*पूरे घटनाक्रम पर एक नजर*
वकील सौरभ शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने बताया कि की 9 सितम्बर को वो अकेले अपनी कार से अपने कार्यालय को जा रहे थे कि उनकी कार को रोककर जबरदस्ती उनको चालान किया गया । उन्होंने बताया कि उन्होंने चालान काटने वाले अधिकारियों से कार में बैठे अकेले आदमी के लिए मॉस्क पहनने का कार्यादेश दिखाने को कहा तो ओ कुछ भी नही दिखा पाये ।।
शर्मा ने हाईकोर्ट से चालान रद्द कर उन्हें मुआवजा दिलाने की मांग की ।
उन्होंने कहा कि कोरोना की आड़ में आम जनता पर तरह तरह के जुल्म हो रहे हैं ओर इस तरह के ना जाने कितने प्रकार के चालान करके जनता को मजबूर किया जा रहा है ।
0 टिप्पणियाँ