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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में अपने चुनावी वायदों को पूरा करने के लिए देश की आम जनता के लिए किस तरह स्पष्ट और विश्वसनीय साबित हुए है, इसका एक उदाहरण तीन तलाक पर कानून बनाना और दूसरा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने से ! इन दोनों वायदों को पूरा करने के लिए देश के धरातल पर देश की आम जनता के संमुख ठोस कानून का निर्माण करने से मिलता है !
भारत देश के लिए इन दोनों ही महत्वपूर्ण वायदों को पूरा करने के बाद मोदी सरकार अब नागरिकता संशोधन अधिनियम सीएए(CAA) और एनआरसी(NRC) राष्ट्रिय नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर संकल्पबद्ध नजर दिख रही है ! विरोध करने वाले दल वही हैं ! जो अतीत में पूर्वोत्तर में होने वाले घुसपैठ को लेकर शुतुरमुर्गी रवैया अपनाए रहे ! राष्ट्रिय नागरिकता पंजीयन नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून एक्ट सीएए लागू होने से देश के अन्दर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आये हुए भारी मात्रा में घुसपैठ अब डर से बौखलाएं हुए है !
केन्द्रीय कैबिंनेट ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है ! इस मसौदे का कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे है ! विरोध करने वाले दल वही है जो देश के अन्दर घुसपैठ को बढ़ावा देते कई सालों से चलते आ रहे है ! इसी रवैय के कारण वे असम में राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर का भी विरोध कर रहे है !
इन दलों के कारण से ही भाजपा प्रारम्भ से कहती आ रही है कि बाहर के देशों से आ रहे घुसपैठ को रोकने के साथ ही विदेशो से और खासकर बांग्लादेश से आए लोगों की पहचान होनी चाहिए ! जोकि देश के भविष्य और हित में अति महत्वपूर्ण है ! जिसके बजह से देश के भीतर घुसपैठ की संभावना नहीं पनप पाएेगी ! नागरिकता रजिस्टर के जरिये यही काम किया गया है ! नागरिकता संशोधन विधेयक में देश की जनता के अधिकारों में सरकार ने ऐसा कोई संशोधन नहीं किया है जिससे देश की जनता को कोई नुकसान नहीं होगा ! बल्कि राष्ट्रिय हित पर ध्यान देना आवश्यक है ! जो देश के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है ! इस बात पर और सही निर्णय के लिए देश की जनता को सरकार का समर्थन करना चाहिए ! बल्किन बाहर देशों से आने वाले घुसपैठ, अल्पसंख्यकों को इस नागरिकता संशोधन कानून से बड़ी रोक लग जाएेगी !
भाजपा की यह भी सच्चाई है कि अवैध घुसपैठ से न केवल देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ रहा है, बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में स्थानीय संस्कृति के लिए भी खतरा दिन-प्रतिदिन पैदा हो रहा है ! यह खतरा काल्पनिक नहीं है, क्योंकि असम में बांग्लादेश से आ बसे लाखों लोगों के कारण स्थानीय भाषा, संस्कृति आदि खतरे में पड़ गई है ! बांग्लादेश से अवैध रूप से असम में आए लोगों के कारण इस राज्य के साथ पड़ोसी राज्यों के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक, सामाजिक माहौल बदल गया है ! कई हिस्सों में स्थानीय लोग अल्पसंख्यक हो गये है ! इन लोगों ने स्थानीय नेताओं का संरक्षण पाकर राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र तक हासिल कर लिए हैं ! ऐसे लोगों को वोट बैंक राजनीति के चलते अभी भी संरक्षण मिल रहा है ! जो देश के विकास तथा देश के भविष्य के लिए खतरे की जड़ है ! नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे विपक्ष और अन्य दल को इस बात से जानबूझकर अनभिग्य नहीं होना चाहिए ! बल्कि सच्चाई से परिचित होना चाहिए कि मोदी सरकार वही कर रही है जो करने का उसने वादा किया था, और जिसके लिए उसे देश की जनता का पूरा बहुमत मिला है !
लेखक व पत्रकार
मुकेश सिहं तोमर खुन्ना (बहलाड़)
भारत देश के लिए इन दोनों ही महत्वपूर्ण वायदों को पूरा करने के बाद मोदी सरकार अब नागरिकता संशोधन अधिनियम सीएए(CAA) और एनआरसी(NRC) राष्ट्रिय नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर संकल्पबद्ध नजर दिख रही है ! विरोध करने वाले दल वही हैं ! जो अतीत में पूर्वोत्तर में होने वाले घुसपैठ को लेकर शुतुरमुर्गी रवैया अपनाए रहे ! राष्ट्रिय नागरिकता पंजीयन नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून एक्ट सीएए लागू होने से देश के अन्दर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आये हुए भारी मात्रा में घुसपैठ अब डर से बौखलाएं हुए है !
केन्द्रीय कैबिंनेट ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है ! इस मसौदे का कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे है ! विरोध करने वाले दल वही है जो देश के अन्दर घुसपैठ को बढ़ावा देते कई सालों से चलते आ रहे है ! इसी रवैय के कारण वे असम में राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर का भी विरोध कर रहे है !
इन दलों के कारण से ही भाजपा प्रारम्भ से कहती आ रही है कि बाहर के देशों से आ रहे घुसपैठ को रोकने के साथ ही विदेशो से और खासकर बांग्लादेश से आए लोगों की पहचान होनी चाहिए ! जोकि देश के भविष्य और हित में अति महत्वपूर्ण है ! जिसके बजह से देश के भीतर घुसपैठ की संभावना नहीं पनप पाएेगी ! नागरिकता रजिस्टर के जरिये यही काम किया गया है ! नागरिकता संशोधन विधेयक में देश की जनता के अधिकारों में सरकार ने ऐसा कोई संशोधन नहीं किया है जिससे देश की जनता को कोई नुकसान नहीं होगा ! बल्कि राष्ट्रिय हित पर ध्यान देना आवश्यक है ! जो देश के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है ! इस बात पर और सही निर्णय के लिए देश की जनता को सरकार का समर्थन करना चाहिए ! बल्किन बाहर देशों से आने वाले घुसपैठ, अल्पसंख्यकों को इस नागरिकता संशोधन कानून से बड़ी रोक लग जाएेगी !
भाजपा की यह भी सच्चाई है कि अवैध घुसपैठ से न केवल देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ रहा है, बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में स्थानीय संस्कृति के लिए भी खतरा दिन-प्रतिदिन पैदा हो रहा है ! यह खतरा काल्पनिक नहीं है, क्योंकि असम में बांग्लादेश से आ बसे लाखों लोगों के कारण स्थानीय भाषा, संस्कृति आदि खतरे में पड़ गई है ! बांग्लादेश से अवैध रूप से असम में आए लोगों के कारण इस राज्य के साथ पड़ोसी राज्यों के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक, सामाजिक माहौल बदल गया है ! कई हिस्सों में स्थानीय लोग अल्पसंख्यक हो गये है ! इन लोगों ने स्थानीय नेताओं का संरक्षण पाकर राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र तक हासिल कर लिए हैं ! ऐसे लोगों को वोट बैंक राजनीति के चलते अभी भी संरक्षण मिल रहा है ! जो देश के विकास तथा देश के भविष्य के लिए खतरे की जड़ है ! नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे विपक्ष और अन्य दल को इस बात से जानबूझकर अनभिग्य नहीं होना चाहिए ! बल्कि सच्चाई से परिचित होना चाहिए कि मोदी सरकार वही कर रही है जो करने का उसने वादा किया था, और जिसके लिए उसे देश की जनता का पूरा बहुमत मिला है !
लेखक व पत्रकार
मुकेश सिहं तोमर खुन्ना (बहलाड़)

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