राजकीय महाविद्यालय नैनबाग के भूगोल विभाग के द्वारा पृथ्वी दिवस (Earth Day) के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया

 राजकीय महाविद्यालय नैनबाग के भूगोल विभाग के द्वारा पृथ्वी दिवस (Earth Day) के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित  किया गया 



दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी दिवस (Earth Day) के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय नैनबाग के भूगोल विभाग के द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित  किया गया इस कार्यक्रम में  महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा प्रतिभाग किया गया , कार्यक्रम में भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रीश कुमार ने बताया कि 


पृथ्वी दिवस प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। 

पृथ्वी हमें जीवन प्रदान करती है, लेकिन आज मानव गतिविधियों के कारण पृथ्वी संकट में है। ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत का क्षरण, जैव विविधता में कमी और प्राकृतिक संसाधनों का अति-दोहन प्रमुख समस्याएँ हैं।


इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि हम सभी को व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी। जैसे—


* एक पेड़ लगाना और उसकी देखभाल करना

* पानी और बिजली की बचत करना

* प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना

* पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाना


यदि हर व्यक्ति छोटे-छोटे कदम उठाए, तो बड़ा परिवर्तन संभव है।


उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि पृथ्वी की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करेंगे और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करेंगे। 

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. मुकेश  कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 

आज हम सभी यहाँ पृथ्वी दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमें अपनी धरती माँ के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।


पृथ्वी ही हमारा एकमात्र घर है। हमें जीवन, जल, वायु, भोजन और प्राकृतिक संसाधन इसी से प्राप्त होते हैं। किंतु आधुनिक विकास और अंधाधुंध उपभोग के कारण पर्यावरण संतुलन निरंतर बिगड़ रहा है। वनों की कटाई, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ आज हमारे सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़ी हैं।


हमारा कर्तव्य कि हम न केवल स्वयं जागरूक बनें, बल्कि समाज को भी जागरूक करें। हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास करने होंगे।


मैं आप सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि—


* अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें

* प्लास्टिक का उपयोग कम करें

* जल एवं ऊर्जा की बचत करें

* स्वच्छता और हरित वातावरण को अपनाएँ ।यदि हम आज पृथ्वी की रक्षा करेंगे, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।

अंत में, मैं आप सभी से यह संकल्प लेने का आग्रह करता हूँ कि हम अपनी पृथ्वी को स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के द्वारा पोस्टर एवं मॉडल का प्रदर्शन किया गया, 

इस अवसर पर  डॉ. परमानंद चौहान, डॉ. दुर्गेश कुमारी, डा. दिनेश चंद्र , डा. मधु बाला जुवांठा , श्री राजमोहन सिंह रावत और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में भूगोल विभाग के प्रयोगशाला सहायक श्री भुवन चंद्र,  कार्यालय से कनिष्ठ सहायक श्री सुशील चंद्र पुस्तकालय से पुस्तकालय सहायक दिनेश सिंह पंवार, अनु सेवक,अनिल सिंह, रोशन लाल , रीना, मोहन लाल भी उपस्थित रहे।

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