बसंत पंचमी पर रौन गांव में डॉ. लीलाधर भट्ट गौ सेवा आश्रम का शुभारंभ
पुरोला (उत्तरकाशी)।
सीमांत जनपद उत्तरकाशी की तहसील पुरोला अंतर्गत न्याय पंचायत गुन्दियाट, पट्टी रामा सिंराई के ग्राम पंचायत रौन में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर डॉ. लीलाधर भट्ट गौ सेवा आश्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के साथ विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर स्वामी योगेश्वर गिरी जी महाराज, ग्राम प्रधान राजेश विजल्वाण, आचार्य पंडित रमेश गैरोला, कमलेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित द्वारिका विजल्वाण एवं पंडित भगवती प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
गौ सेवा आश्रम के संचालक संजय बडोनी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि
गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि बेसहारा पशुओं के संरक्षण, जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन गांव और क्षेत्र के लिए अत्यंत पुण्य एवं हर्ष का दिन है। वेदों में गौमाता को ‘विश्वस्य मातरः’ कहा गया है और इस गौशाला के माध्यम से गौवंश को सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाएगा।
मुख्य अतिथि स्वामी योगेश्वर गिरी महाराज ने कहा कि
यह गौशाला केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि गौसेवा के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और समर्पण का प्रतीक है।
विशिष्ट अतिथि आनंद सिंह ज्याडा, प्रवक्ता इंटर कॉलेज गुन्दियाट गांव ने कहा कि
आज अनेक गायें बेसहारा सड़कों पर भटक रही हैं। इस गौशाला में उन्हें आश्रय, चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हमारा उद्देश्य गौवंश को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि गरिमामयी जीवन देना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वदेशी पशुधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
ग्राम प्रधान राजेश विजल्वाण ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि
गौशाला के संचालन में सभी ग्रामीण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करें। गोपालन और गोरक्षा न केवल धार्मिक कार्य है, बल्कि गोबर और गोमूत्र आधारित गतिविधियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग भी है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित सभी ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आचार्य मनमोहन बडोनी, राजेंद्र सिंह चौहान, कृष्णा देवी सहित अनेक ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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