बंगाल में हिन्दुओं के खिलाफ हुई हिंसा को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने राष्ट्रपति को किया ज्ञापन प्रेषित। ज्ञापन में हिन्दुओं पर अत्याचार की जिम्मेदार ममता सरकार की बर्खास्तगी व राष्ट्रपति शासन की मांग। Vishwa Hindu Parishad sent a memorandum to the President regarding the violence against Hindus in Bengal. The memorandum demanded the dismissal of the Mamta government responsible for the atrocities on Hindus and imposition of President's rule.

गजेन्द्र सिंह चौहान पुरोला 

बंगाल में हिन्दुओं के खिलाफ हुई व्यापक हिंसा को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने भारी रोष व्यक्त किया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी पुरोला के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की है ।



ज्ञापन में मांग की गई है कि वक्फ कानून के विरोध की आड़ में संपूर्ण बंगाल को  हिंसा की आग में जलाया जा रहा है । हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है व राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से माता बहनों को प्रताड़ित  करने की खुली छूट दी जा रही है, उससे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है।


 मुर्शिदाबाद से आरम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में फैलती हुई दिखाई दे रही है। शासकीय तंत्र दंगाइयों के सामने केवल निष्क्रिय ही नहीं अपितु कई स्थानों पर इनके सहायक या प्रेरक बन गए है। इससे पहले कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जय केंद्र सरकार को प्रशासन का नियंत्रण व संचालन अपने हाथ में लेकर राष्ट्र विरोधी व हिंदू विरोधी तत्वों को उनके कुकर्मों के लिए कठोरत सजा दिलवानी चाहिए।


मुस्लिमों  द्वारा 11 अप्रैल, 2025 को वक्फ कानून के विरोध के नाम पर किया गया हिंसक प्रदर्शन कानून बनाने वाली सरकार के विरोध में नहीं अपितु हिंदुओं पर हिंसक आक्रमण के रूप में था जबकि हिंदू समाज का इस कानून के निर्माण में कोई भूमिका नहीं थी । स्पष्ट होता हैं कि  असली उद्‌देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। इस उन्मादी जिहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घर और व्यावसायिक दुकानों में कम जमकर लूटपाट की, हजारों हिंदुओं को बुरी तरह प्रताड़ित किया व तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई ओर दर्जनों महिलाओं के साथ अशोभनीय कृत्य किए गए। परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा।


उनके पास जाकर उनकी चिंता एवं सहायता करने की अपेक्षा  ममता बनर्जी दंगा भड़काने वाले  से मिल रही है जिनमे से एक  ने एक दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर ममता  का साथ नहीं दिया तो वह उसकी औकात बता देंगे। अब ये सारे तथ्य सामने आने पर यह समाचार मिल रहा है कि ममता अब हिंदुओं को सुरक्षा देने की जगह उनको वापस जेहादियों के सामने जबरन परोसने का यंत्र कर रही है। आज की बंगाल की स्थिति से यह स्पष्ट है कि ममता सरकार ने भारत के संघीय ढांचे को बंगाल में ध्वस्त कर अपनी सरकार और वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए जेहादी गतिविधियों को खुली छूट दे रही हैं।

 ज्ञापन में हिन्दुओं की सुरक्षा व बंगाल में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है।

ज्ञापन देने वालों में धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक चंद्रमोहन कपूर, बजरंग दल के जिला संयोजक अमित नौडियाल, बजरंग दल के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश थपलियाल, अशोक , सतीश चौधरी, उपेन्द्र राणा, लोकेश, मलकेश सेमवाल, तारा सिंह, अमित चौहान, वीरेंद्र रावत, रोहित चौहान, कमान सिंह, रघुबीर व बिमला सहित दर्जनों लोग शामिल रहे 


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