प्रथम विश्व युद्ध 20वीं शताब्दी का एक महत्त्वपूर्ण और विनाशकारी युद्ध था, जो 28 जुलाई 1914 से 11 नवम्बर 1918 तक लड़ा गया। इस युद्ध ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया और लाखों लोगों की जान चली गई। यह युद्ध विश्व इतिहास में एक ऐसा मोड़ था, जिसने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह बदल दिया ।
प्रथम विश्व युद्ध के कई कारण थे। यूरोपीय देशों के बीच बढ़ती हुई राष्ट्रवादी भावना, सैन्यवाद, उपनिवेशवाद और गठबंधन प्रणाली इस युद्ध के मुख्य कारण बने। सबसे प्रमुख कारण सरायेवो हत्याकांड था, जिसमें ऑस्ट्रिया-हंगरी के युवराज फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या सर्बिया के एक युवक द्वारा कर दी गई। इसके बाद एक के बाद एक देश युद्ध में शामिल होते गए।
यह युद्ध दो मुख्य गुटों में लड़ा गया:
1. मित्र राष्ट्र – फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, अमेरिका और इटली
2. मध्य शक्तियाँ – जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ओटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया ।
इस युद्ध में आधुनिक हथियारों, जहरीली गैसों और टैंकों का इस्तेमाल हुआ। खाइयों में लड़े गए युद्ध ने सैनिकों की स्थिति को और भी भयावह बना दिया। 1917 में अमेरिका का युद्ध में प्रवेश निर्णायक साबित हुआ।
युद्ध 1918 में समाप्त हुआ और 1919 में वर्साय की संधि के माध्यम से जर्मनी को हार माननी पड़ी। इस संधि के तहत जर्मनी पर भारी जुर्माना लगाया गया और उसे सैन्य रूप से कमज़ोर किया गया। इस युद्ध के परिणामस्वरूप लीग ऑफ नेशंस की स्थापना हुई।
प्रथम विश्व युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि वह और भी बड़े संकट को जन्म देता है। यह युद्ध मानवता के लिए एक बड़ी चेतावनी था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह द्वितीय विश्व युद्ध का कारण भी बना।

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