प्रधानमंत्री मोदी ने हर घर को नल दिया । अवसर मिलता तो मै हर नल में जल देता । मोदी ने नारा दिया जहां शौच वहां शौचालय। अवसर मिलता तो हर शौचालय शौच करने लायक बनाता । पुरोला नगर पालिका के वार्डो का आरक्षण तय करने वाले अधिकारियों की सोच पर इस पोस्ट के माध्यम से क्यों उठ रहा है शोचनीय प्रश्न ? Prime Minister Modi gave tap water to every house. Had I got a chance, I would have provided water to every tap. Modi gave the slogan where there is defecation, there is toilet. If given the opportunity, every toilet would be made suitable for defecation. Why are deplorable questions being raised through this post on the thinking of the officials who decide the reservation of wards of Purola Municipality?

 गजेंद्र सिंह चौहान पुरोला 

 अब जबकि नगर पालिका के चुनाव की कभी भी घोषणा हो सकती है, ऐसे आरक्षण व्यवस्था की खामियों व शीर्ष स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार की वजह से पुरोला नगर पालिका की अध्यक्ष की सीट महिला आरक्षित कर दी गई है। जाहिर बात उपरोक्त संदर्भ में मेरा कथन स्वतः ही विलोपित हो जाता हैं। शीर्ष अधिकारियों में भ्रष्टाचार इस कदर है की उन्होंने नगर पालिका पुरोला के वार्डो के आरक्षण में पिछले बार के आरक्षण पर गौर किए बगैर आरक्षण तय कर दिया।


नगर पालिका पुरोला के आरक्षण विस्तार से गौर करना जरूरी है। वार्ड नंबर एक पहली बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित थी व दूसरी बार सामान्य रही व अब पुनः अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई है। वार्ड नंबर 2 पूर्व के सभी चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षित रहा है व अब पुनः महिला आरक्षित कर दी गई है। वार्ड नंबर 3 पूर्व में महिला आरक्षित नहीं रही है व इस बार भी इसकी पुनरावृत्ति नहीं हुई है। वार्ड नंबर 4 पहली बार महिला आरक्षित नहीं थी, दूसरी बार महिला आरक्षित रही व अब पुनः महिला आरक्षित कर दी गई है। वार्ड नंबर 5 पहली बार महिला आरक्षित, दूसरी बार अनुसूचित जाति महिला आरक्षित व अब तीसरी बार पुनः महिला आरक्षित कर दी गई है।

वार्ड नंबर 6 अब से पूर्व महिला आरक्षित नहीं रही व अब पुनः महिला आरक्षित नहीं है।

वार्ड नंबर 7 पहले भी महिला आरक्षित नहीं थी ओर अब पुनः महिला आरक्षित नहीं है।

उपरोक्त कथन के अनुसार आरक्षण तय करने वाले अधिकारियों को या तो वस्तुस्थिति की जानकारी नहीं थी । या हो सकता की वे भारी दबाव में थे यानी मामला सीधा सीधा भ्रष्टाचार से संबंधित है।

अब हम इस पोस्ट के मूल कथन पर आते है कि अगर मुझे अवसर मिलता तो हर घर में लगे नल में में जल आता । बिल्कुल आता क्योंकि भ्रष्टाचार में डूबे जनप्रतिनिधियों ने अब तक जो पैसा नदी नालों में बहाया उससे एक नहीं अनेक भूमिगत टैंक बनते उनमें पानी स्टोरेज होता व नगर को दिन में 12 घंटे पानी उपलब्ध होता । खैर अब जबकि महिला आरक्षित होने की वजह से मैं चुनाव मैदान से स्वतः ही बाहर हो गया हूं। ऐसे में आने वाली नगर पालिका अध्यक्ष से यही उम्मीद है कि वे इस पर अमल अवश्य करेंगी।

अब बात आती है शौचालयों की तो नगर में एक एक शौचालय कागजों में 10 बार बन चुका है पर उसकी साफ सफाई पर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है। मुझे अवसर मिलता तो मैं नए शौचालय बनाने की अपेक्षा पुराने शौचालयों की साफ सफाई पर ध्यान देता ।

खैर जिस किसी को भी पुरोला की सम्मानित जनता ये अवसर देना चाहती है, उनसे इस बारे में बात अवश्य करे ताकि । नागरिकों का जीवन बेहतर हो सके ।

आप सभी सम्मानित जनों का दिन शुभ हो, आप सभी का जीवन मंगलमय हो ।

#नमोनारायण 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ