जनपद के बड़े पदों पर बैठे पुरोला के दो लोकप्रिय नेताओं की आगामी पालिका चुनाव में कौन होगी पहली पसंद । Who will be the first choice of the two popular leaders of Purola holding senior positions in the district in the upcoming municipal elections?

 गजेन्द्र सिंह चौहान पुरोला 

बात जब राजनीति की हो तो यहां कोई किसी का सगा नहीं है। पूर्व के आलेख में हमने लिखा था कि कैसे वार्ड नंबर एक के 7 पड़ोसी व निकटम संबंधी भाजपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष पुरोला बनना चाहते हैं। ये भी लिखा कि कैसे सातों व्यक्ति निकटतम संबंधी होने के बावजूद अध्यक्ष बनने के चक्कर में एक दूसरे से इतने दूर है। खैर यहां दो बाते है व दो प्रकार के आरक्षण आरक्षित यानी अनुसूचित जाति महिला/सामान्य एवं सामान्य/ओबीसी महिला/सामान्य। यहां ये जानना जरूरी है कि संभावित प्रत्याशियों में कौन है भाजपा जिलाध्यक्ष सतेन्द्र राणा का पसंदीदा चेहरा ।


पब्लिक के बीच जो बात छन छन कर आई है ओ इस कुछ इस तरह से है, जिलाध्यक्ष सतेन्द्र राणा ने सातों पड़ोसियों को पड़ोसी धर्म निभाने की सलाह देते हुए अपने रिश्तों की डोर को मजबूती देने की बात कही है। सूत्र बताते हैं कि सतेन्द्र राणा ने स्पष्ट कहा है कि अगर सातों पड़ोसी व रिश्तेदार मिलकर किसी एक के लिए टिकट की पैरवी नहीं करेंगे तो किसी अन्य को टिकट देना पार्टी के हित में होगा ।

अब सवाल ये है कि सतेन्द्र राणा की इनमेसे कोई भी पहली पसंद क्यों नहीं हैं, तो इसका सीधा जवाब ये है कि हर बार की तरह वे इस बार पुनः भाजपा की करारी हार नहीं चाहते हैं ओर ये तभी संभव है जब सभी मिलकर किसी एक के टिकट की पैरवी करेंगे ।

उपरोक्त बाते सीट के सामान्य व ओबीसी रहने की दशा में है। अब बात अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की दशा की हो तो भाजपा के पास एकमात्र लोकप्रिय चेहरा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पीएल हिमानी हैं, जिनका शायद ही कोई विरोध करे । संभवतः पीएल हिमानी अनुसूचित जाति सीट आरक्षित होने पर बीजेपी के बिना किसी किन्तु परन्तु एकमात्र लोकप्रिय प्रत्याशी हो । अब बात अनुसूचित जाति महिला की हो तो संभवतः पीएल हिमानी परिवार से इतर किसी अन्य पर भाजपा विचार कर सकती हैं।

उपरोक्त तथ्य भाजपा जिलाध्यक्ष सतेन्द्र राणा की दृष्टिगत रखते हुए लिखी गई है। अब बात करे जनपद में सर्वाधिक लोकप्रिय चेहरे जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण की तो उनकी कोशिश कांग्रेस से ही किसी लोकप्रिय चेहरे को टिकट दिलाने की होगी ओर वे खुद की पार्टी को मजबूत कर आगामी के चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए यही चाहेंगे कि कांग्रेस पार्टी मजबूत हो ताकि कांग्रेस पुनः सत्ता में लौट सकें।

दीपक बिजल्वाण के बारे में लिखे उपरोक्त कथन भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के लिए किसी 440 वोल्ट के झटके से कम नहीं है ओर वे उपरोक्त कथन को दृष्टिगत रखते हुए अपनी उम्मीदवारी पर सो बार विचार कर सकते है।

अस्वीकरण:- उपरोक्त कथन लेखक के निजी विचार है व किसी भी व्यक्ति विशेष के न तो खिलाफ है ओर न ही लेख का उद्देश्य किसी को महिमामंडित करना है। कथन सिर्फ पाठकों के मनोरंजन व सामान्य जानकारी हेतु लिखा गया है। अतः कोई भी व्यक्ति विशेष उपरोक्त कथन को खुद के खिलाफ न समझे ।



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