हरकीदून व केदारकांठा में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को लेकर वन मंत्री से रंवाई जन एकता मंच के संयोजक व ब्लॉक प्रमुख मोरी के नेतृत्व में मिला शिष्टमंडल । गोविंद वन्य जीव विहार व टोंस वन प्रभाग पुरोला में अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर सौंपा ज्ञापन । A delegation led by Ranwai Jan Ekta Manch convenor and block chief Mori met the Forest Minister regarding increasing the number of tourists in Harkidun and Kedarkantha. Memorandum submitted regarding appointment of officers in Govind Wildlife Sanctuary and Tons Forest Division Purola.

देहरादून, गोविंद वन्य जीव विहार व टोंस वन प्रभाग पुरोला के अंतर्गत विभिन्न जन समस्याओं को


लेकर रंवाई जन एकता मंच के संयोजक चन्द्रमणि रावत व ब्लॉक मोरी बच्चन पंवार ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से भेंट कर जन समस्याओं से अवगत कराया ।

इस संबंध में उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से वन मंत्री सुबोध उनियाल को अवगत कराया कि  कि गोविन्द वन्य जीव विहार में विगत समय से स्थायी उपनिदेशक की तैनाती नहीं हुई है और चकराता वन प्रभागीय अधिकारी को इस क्षेत्र का चार्ज दिया गया है। परन्तु उक्त अधिकारी का आना-जाना इस क्षेत्र में नहीं हो रहा है। जिस कारण स्थानीय लोंगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा इस वन्य जीव विहार में रेंज अधिकारी के पद भी रिक्त हैं। जैसे सांकरी रेंज आदि। इस सम्बन्ध में आपको पूर्व में भी अवगत किया गया है और आपके द्वारा फारेस्ट के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये गये हैं, परन्तु आज तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई है।


इसके अलावा एक अन्य ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि  प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) के आदेशानुसार दिनांक 10/5/16 के आदेशानुसार हरकीदून व केदारकांठा आदि पर्यटक स्थलों में पर्यटकों की संख्या को सीमित किया है, जो कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं में हित में सही नही है । इस विषय पर विगत वर्ष में भी स्थानीय लोगों द्वारा भारी आक्रोश व्यक्त किया गया है ।


रंवाई जन एकता मंच के संयोजक चन्द्रमणि रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त दोनों ज्ञापनों को वन मंत्री द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए मौके पर मौजूद प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया । उन्होंने बताया कि वन मंत्री को कुछ वन अधिकारियों द्वारा जनता के साथ कि जा रही बदसलूकी के बारे में भी अवगत कराया गया है व उक्त के संबंध में भी प्रमुख वन संरक्षक को आवश्यक निर्देश दिये गए हैं ।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ