67 वीं पुण्यतिथि पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण व वेद वेत्तान्त के ज्ञाता आचार्य शिव प्रसाद सहित क्षेत्र के समाजसेवियों , आंदोलनकारियों व आमजनता ने स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद बिजल्वाण की उपलब्धियों को यादकर श्रद्धासुमन अर्पित किये । On the 67th death anniversary, District Panchayat President Deepak Bijlwan and Ved Vettan expert Acharya Shiv Prasad along with social workers, agitators and general public of the area paid tribute to the achievements of late Dwarika Prasad Bijlwan by remembering them.

गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला

 बुधवार को प्रसिद्ध समाजसेवी, राज्य आंदोलनकारी व पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए नितांत संघर्ष करने वाले स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद बिजल्वाण की पुण्यतिथि पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । उनकी स्मृति में संचालित हो रहे द्वारिका प्रसाद मेमोरियल स्कूल (DPMS)  पोरा के द्वारा भी एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया ।


इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके पिता, पत्नी, पुत्रो , सगे-संबंधियों व आमजनों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए ।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गान व विभिन्न सासंस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।



इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उनके ज्येष्ठ पुत्र व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने कहा कि कुछ "दीपक" जो इस दुनिया से विदा लेकर अब दूसरी दुनिया को रोशन कर रहे हैं। आज श्राद्ध में हम उन सभी पूजनीय पितृ देवताओं को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।


उन्होंने कहा कि आज का दिन खास है क्योंकि आज पूज्य पिताजी जिनका जीवन जनता की लड़ाई लड़ते हुए बिता का जन्मदिन  है। वह जन्मदाता ही नहीं, हमारे गुरु, मार्गदर्शक और जीवन की हर कठिनाई में संबल थे। उनके स्नेह और अनुशासन ने हमें जीवन की हर चुनौती से निपटने की शक्ति दी। आज उनके बिना यह दिन सूना तो है, परंतु उनकी यादें, उनके दिखाए गए मार्ग और उनकी दी हुई सीख हर कदम पर हमारा मार्गदर्शन करती हैं।


श्राद्ध और श्रद्धा का यह संगम हमारे पूर्वजों के प्रति प्रेम, सम्मान, और आत्मीयता को व्यक्त करता है। इस विशेष समय में, हमारे भीतर बसे उनके दिए संस्कार, गुण, और यादें जीवंत हो उठती हैं।


 उनकी की दी हुई सीख, उनका स्नेह, अनुशासन, और मार्गदर्शन हर पल स्मरण में रहे। वो पल जब उन्होंने हमें जीवन के कठिन क्षणों में भी सही दिशा दिखाई—अब यह सब यादों में ही शेष है। लेकिन उनकी अमूल्य शिक्षाएं और उनके दिखाए मार्ग पर हमें मजबूती और निष्ठा से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।


आज के इस पावन दिन पर, पिताजी को जन्मदिन की भावपूर्ण श्रद्धांजलि और नमन करता हूँ। सभी पितरों को नमन करता हूँ जिन्होंने हमारे जीवन को अपने आशीर्वाद से संवारा। उनके गुण हमारे जीवन में, हमारे हर कण में, हर सांस में बसे हुए हैं।


पितृ देवताओं का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे, और हमें सदैव सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहे ।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी पुरोला देवानन्द शर्मा, कमल संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक आचार्य शिब प्रसाद व्यास, सेवानिवृत्त तहसीलदार कमलेश्वर, पृथ्वी राज कपूर, बिरेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, हरदेव सिंह, जगमोहन रावत, सुदामा प्रसाद बिजलवान, साधुराम नोडियाल, बद्री प्रसाद नौडियाल, जगमोहन नोडियाल, राजमोहन सिंह, आनंद बिजलवान, प्रदीप राणा, कुलदीप विजलवान,भाष्कर बहुगुणा, भरत लाल, जगमोहन रावत, डिंपल रावत, कबिन्दर रोहित, अमित नोडियाल, प्रवीण जयाडा आदि उपस्थित रहे ।

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