गोविन्द वन्य जीव विहार / राष्ट्रीय पार्क पुरोला में पर्यटन हेतु बनाए गये नियमों का अपर वन संरक्षक प्रशासन, वन्य जीव संरक्षण आसूचना उत्तराखण्ड के पत्रांक 3289/15-1 देहरादून दिनांक 10 2016 के आदेश को निरस्त करने के सम्बन्ध में चंद्रमणी रावत ( सीएम) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा ।
ज्ञापन में मांग की गई है कि एक ओर उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पहाड़ों से पलायन को रोकने एवं बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर उपनिदेशक गोविन्द वन्य जीव विहार / राष्ट्रीय पार्क पुरोला एवं प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) उत्तराखण्ड द्वारा केदारकांठा एवं हरकीतून आदि पर्यटक स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों की संख्या सीमित (150) किये जाने का आदेश दिया गया है । इससे स्थानीय बेरोजगारों के रोजगार के साथ-साथ उत्तराखण्ड को पर्यटकों से आने वाली आय एवं राजस्व का भारी नुकसान होगा।
ज्ञापन में बताया गया है कि केदारकांठा एवं हरकीदून में 1000 से 2000 पर्यटक लगभग प्रतिदिन ट्रेकिंग करने आते हैं ।जिससे कि उत्तराखण्ड के लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है। परन्तु उपनिदेशक गोविन्द वन्य जीव विहार/राष्ट्रीय पार्क द्वारा इस समय उक्त आदेश को लागू करने से पर्यटकों की संख्या (150) प्रतिदिन किये जाने से केदारकांठा व हरकीदून जाने वाले पर्यटकों को सांकरी से वापस लौटाया जा रहा है जिस कारण स्थानीय बेरोजगार युवाओं का रोजगार समाप्त होने से उनमें काफी रोष व्याप्त हैं, और साथ ही दिसम्बर माह से लेकर फरवरी तक हरकीदून जाने वाले पर्यटकों पर रोक लगा दी जबकि शीतकाल में बर्फबारी का आनन्द लेने केदारकांठा एवं हरकीदून में अधिक पर्यटक घूमने आते है।
इस मुलाकात की जानकारी देते हुए चंद्रमणी रावत ने बताया की मंत्री सुबोध उनियाल ने पार्क क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया है ।
इस अवसर पर जोगेंद्र चौहान, अमित, मनमोहन सिंह व जयपाल आदि उपस्थित रहे ।

0 टिप्पणियाँ