पूर्व सैनिक राजेश सेमवाल द्वारा संचालित निशुल्क वंदे मातरम ट्रेनिंग एंड एजुकेशन फाउंडेशन के वार्षिकोत्सव समाजसेवी विनोद डोभाल ने दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया । Social worker Vinod Doval inaugurated the annual function of Vande Mataram Training and Education Foundation established by former soldier Rajesh Semwal by lighting the lamp.

  पूर्व सैनिक राजेश सेमवाल ने सेवानिवृत्त होने के उपरांत सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं के लिए निशुल्क प्रशिक्षण कैम्प का संचालन कर युवाओं का निशुल्क मार्ग दर्शन किया है । विगत 3 वर्षों में यहां से सैकड़ों युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस व अन्य सरकारी नोकरियो की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है ।


  मंगलवार को पुरोला तहसील के वसन्तनगर स्थित निशुल्क प्रशिक्षण कैम्प में फाउंडेशन का वार्षिकोत्सव मनाया गया । वार्षिकोत्सव में समाजसेवी विनोद डोभाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस अवसर पर निशुल्क सेना भर्ती कैम्प का संचालन कर रहे पूर्व सैनिक राजेश सेमवाल ने कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कैम्प की उपलब्धियों के बारे में बताया । 

बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी विनोद डोभाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक राजेश सेमवाल के कार्यो की सराहना की । उन्होंने कहा कि उनके द्वारा निशुल्क संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण कैम्प की वजह से क्षेत्र  के युवा सेना भर्ती के साथ साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि राजेश सेमवाल एक सच्चा देशभक्त व समाजसेवी है जिनपर हम सबको गर्व है । इस अवसर पर उन्होंने कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को 50 ट्रैक सूट व 50 जोड़ी जूते देने की घोषणा की व आगे भी कैम्प को पूरा सहयोग का वादा किया ।

 संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने देशभक्ति  गानों की धुन के साथ विभिन्न प्रकार के करतब दिखाकर उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया । संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं की शारिरिक क्षमता व कौशल को देखकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया ।

इस अवसर पर शिक्षक पृत्वी सिंह रावत, प्रधान संघ के प्रदेश मंत्री, अरविंद पंवार, सचिन, दीपक रावत, कमलदास सहित संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा व ग्रामीण मौजूद रहे ।

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