गजेन्द्र सिंह चौहान
उत्तरकाशी जनपद के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी चिन्द्रिया लाल की हालत गंभीर है, परिजनों ने उन्हें 2 हफ्ते से दून अस्पताल में भर्ती कराया हुआ है ।
परिजनो ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टर ने उन्हें पर्चा लिखकर बाहर से दवा लाने को कहा । जिसपर उन्होंने बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर लाई । परिजनों ने यह भी बताया कि वे वयोवृद्ध होने के साथ ही एक स्वतंत्रता सेनानी है बावजूद अस्पताल स्टॉफ ने बाहर से दवाई लाने को कहा ।
वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी के नाती सुबास राही ने बताया कि डीएमएस डॉक्टर धनंजय डोभाल के संज्ञान में मामला आने के बाद ही उन्हें 2 दिन पहले प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया व उनके उपचार के प्रति गंभीरता आई । उन्होंने बताया कि डीएमएस डॉ धनन्जय डोभाल ने बाहर से मंगाई गई दवा के लिए दादाजी से मिलकर खेद प्रकट किया है ।
वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी का हाल जानने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना व उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए ।
दून अस्पताल में इस तरह की घटनाएं आम है व उत्तराखंड की जनता की अब ये नियति बन चुकी है । डॉक्टर वयोवृद्ध व स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति भी उदासीन रवैया अख्तियार कर रहे हैं, जिससे इलाज प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है । उत्तराखंड सरकार को चाहिए कि इस तरह के डॉक्टरों की पहचान कर उनकी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाए ।

0 टिप्पणियाँ