देहरादून27 सितम्बर 2023 , राज भाषा कार्यान्वयन समिति वाडिया भू विज्ञान संस्थान देहरादून उत्तराखंड द्वारा *हिन्दी पखवाड़े* के तहत *अखिल भारतीय कवि सम्मेलन* का आयोजन किया गया जिसमे देश के प्रतिष्ठित कवि कवयित्रियों गजल कारों गीतकारों ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम का आगाज आशुकवि नरेश मेहता ने सरस्वती वंदना व गीत *तू नजर बदल नजारा खुद बदलेगा* से हुआ इसके पश्चात *आँखों का झंजाल* एवं हम नही रहेगें आदि कविताओं का पाठ हुआ।
प्रसिद्ध कवयित्री गायिका डॉ रीतू सिंह द्वारा *चले आओ पहाड़ो मे निमन्त्रण दे रही हूं मै* गीत व काव्य पाठ ने श्रोताओं को खूब लुभाया ।
कार्यक्रम रस विधा परिवर्तन को डॉ सज्जाद झंझट साहब ने हंसी का ऐसा गुब्बारा फोड़ा की श्रोता अपनी सुध खो बैठे बताते चले कि सज्जाद झंझट साहब अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुशायर किंग के रूप मे जाने जाते हैं।
इसके बाद डॉ अनुरोध श्रीवास्तव ने अपनी गजलो से सबका मन मोहा ।
*थाली मे भोजन परोसा गया है*
*फिर भूख के साथ धोखा हुआ है*!
*एक बार फिर सोच लो मेरे बारे मे*
*अभी तो सिर्फ तुम्हारा रोका हुआ है*।।
पक्तियों ने सबका मन मोहा।
उभरते हुए गीतकार सुधान कैंतुरा जो शोधार्थी हैं ने अपने गीतों से श्रोताओं की आखें नम कर दी।
अन्त मे बहुत सम्मानित कवि जिन्होने डॉ हरिओम पंवार साहब ,राहत इन्दौरी साहब, कुमार विश्वास शैलेष लोढा, आदि ख्याति प्राप्त कवियों संग कई मंच साझा किए हैं।
ऐसे राष्ट्रीय कवि *डॉ सत्यप्रकाश शर्मा* जी
ने हिन्दी विषय पर गीत *हिन्दी है सब हिन्दी है*
गाकर सभी को अभिभूत किया।
मंच संचालन भू वैज्ञानिक डॉ नितिन जी ने उम्दा स्वरूप मे किया इसी क्रम मे आयोजन प्रमुख डॉ गौतम रावत जी व डॉ मौहसीन खान जी ने भी गजल सुनाकर सबका दिल जीता।
वैज्ञानिक डॉ गौतम रावत ने कार्यक्रम के समापन पर मे सभी कवियों का धन्यवाद सभी को स्मृति चिह्न देकर ज्ञापित किया।।
उन्होने कहा हिन्दी सिर्फ राज भाषा नही है हमारी मातृ भाषा है इसके उत्थान के लिए प्रशासन स्तर पर उचित प्रयास होने चाहिए।।

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