गोविन्द वन्य जीव विहार में निर्माण कार्यो की जांच, ठेकेदार जनक सिंह ने कहा जांच में उनके द्वारा कराए गए कार्य पाए गए संतोषजनक , उन्हें बदनाम करने वालो को देंगे कानूनी नोटिस

 मोरी, जैव विविधता से भरपूर कस्तूरी हिरन का अभयारण्य गोविन्द वन्य जीव विहार राष्ट्रीय पार्क देशी विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है । अपनी प्राकृतिक सुंदरता व पर्यटकों की भारी आवक के बीच पार्क में चल रहे करोड़ो रुपये के कार्यो में भ्रष्टाचार की खबरें समय समय पर सुर्खियों में रहती है ।


 हाल ही में पार्क क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर एक भाजपा नेता ने भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग की । उनके पत्र का साशन स्तर के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेकर पार्क क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यो में वित्तीय अनियमिताओं की जांच के आदेश दिये ।


 इसी संबंध में विगत सप्ताह एक जांच दल ने पार्क क्षेत्र में निर्माण कार्यो की जांच की । जांच के घेरे में आये एक ठेकेदार जनक सिंह रावत ने बताया कि उन्हें परेशान करने के लिए तरह तरह के प्रपंच किये गये । सोसल मीडिया पर उन्हें बदनाम करने के लिए बाकायदा अभियान चलाया गया व कहा जा रहा था कि उन्हें बिना काम किये भुगतान किया जा रहा है ।लेकिन उनके द्वारा पूरा कार्य किया गया था व कुछ अधिकारियों द्वारा उन्हें बेबजह परेशान किया जा रहा था । उनके द्वारा कराए गये कार्यो की भी जांच हुई है व जांच में उनका कार्य संतोषजनक पाया गया । ठेकेदार जनक सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ भ्रामक खबर फैलाने वालो को कानूनी नोटिस देंगे व जरूरत पड़ी तो  ऐसे लोगो के खिलाफ न्यायालय भी जायेंगे ।




बताते चले कि गोविन्द वन्य जीव विहार क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यो की जांच को लेकर कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं व जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री व वन मंत्री को पत्र लिखकर पार्क उपनिदेशक कोमल सिंह  का स्थानान्तरण न करने की मांग की है । उनका कहना है की उपनिदेशक के खिलाफ शिकायत कर्ता  द्वारा झूठी व निराधार शिकायत कर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा ।


 जन प्रतिनिधियों का ये भी कहना है कि उप निदेशक जन प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर विश्वास में  लेकर योजनाओं को अमलीय जामा पहनाते  जो ठेकेदारी करने वालों को अखर रहा है ।

 


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