जलागम परियोजना के तहत पुरोला एवंम मोरी विकास खंड के दर्जनों गांव में हुई तीन दिवसीय कार्यशाला।

पुरोला, पहाडी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आजीविका को लेकर उत्तराखंड विकेंद्रीकृत जलागम परियोजना के तत्वावधान में आयोजित एवं अभियान में सोशियल एंड एजुकेशनल सोसाइटी के माध्यम से  पुरोला व मोरी के गांव-गांव में आजीविका-संभावित क्रियाकलाप विषय पर तीन दिवसीय प्रभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । 


.    कार्यक्रम 21 जनवरी से 23 जनवरी तक क्षेत्र के खीडमी,देवजानी,कुमणाई,सतरा आदि ऑधा दर्जन गांव- गांव में आयोजित किया गया। शनिवार को मोरी के खीडमी कार्यशाला में प्रशिक्षक कुसुम घिल्डियाल ने स्थानीय स्तर उपलब्ध संसाधनों से आजीविका हेतु संभावित क्रियाकलापों पर चर्चा व विश्लेषण , कहानी  वीडियो शो,खेल व समूह चर्चा में तीन दिवसीय कार्य शाला में आजीविका योजना की जानकारी दी साथ ही


ग्रामीण-पंचायत स्तरों पर आजीविका प्रभावित करने वाले हितभागियों के बारे में जानकारी एकत्र करने एवं उससे संबंधित चुनौतियों पर रूपरेखा तैयार करनें को लेकर प्रेरित किया गया।

          अभियान संस्था के सचिव एवं प्रशिक्षक चन्द्र मोहन भट्ट ने आजीविका का प्राथमिकीकरण व उनके अवसर,सामर्थ्य एंव चुनौतियों पर भी चर्चा की गई ।

         कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उप परियोजना निदेशक अजय कुमार ने लाभार्थियों को आजीविका संभावित क्रियाकलापों में संपूर्ण तकनीकी व आर्थिक सहायता जलागम के माध्यम से उपलब्ध करानें का भरोसा दिया।

           कार्यशाला में अभियान संस्था ने ग्रामीणों को सेनिटाइजर,मास्क,फेस शील्ड का वितरण भी किया गया ।

      इस मौके पर प्रधान खेड़मी सुरेन्द्र सिंह,पुष्पेन्द्र सिंह,पंकज घिल्डियाल व कॉर्डिनेटर ज्योति गोयल, आदि ग्रामीण लोग उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ