पुरोला, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व किसान पंडित गुरु प्रसाद उनियाल ने आज नमो न्यूज से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि लोग बिना बात के कुछ लोग मोदी का विरोध कर रहे हैं ।
जबकि उन्होंने किसानों की दशा सुधारने के लिए उन्हें नगद ₹6000 का प्रावधान किया , उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं क्योंकि जिनकी 1 महीने की इनकम 500 और 1000 नहीं थी उन्हें आज प्रधानमंत्री मोदी ₹6000 दे रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि ₹6000 से किसानों का पूरी तरह से खर्चा नहीं चल पा रहा है इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि किसानों को ₹12000 मिलना चाहिए ।
उन्होंने नमो न्यूज से बातचीत में प्रचलित जो पुराने छोड़ें और गाने हैं वो गाये । रामलीला की चौपाई भी गाई, उन्होंने याद करते हुए कहा कि जब रामलीला होती थी तो विभीषण का पाठ खेला करते थे ।
उन्होंने कहा कि विभीषण ने रावण का विरोध करते हुए अनुरोध किया था, उन्होंने चौपाई गाई की मैंने अपने फर्ज को अदा कर दिया, मैंने अपने फर्ज को अदा कर दिया भाड़ में जा मुझे क्या जरूरत पड़ी ।
भाड़ में जा मुझे क्या जरूरत पड़ी ।
वो कहते हैं हमारा काम है अपना फर्ज अदा करना, हमने फर्ज अदा कर दिया हमने जो प्रधानमंत्री मोदी हैं उन से अनुरोध कर दिया कि किसानों को 12000 दें ।
अगर नहीं देते हैं तो उन्होंने कहा कि भाड़ में जाओ मुझे क्या जरूरत पड़ी । भाड़ में जा मुझे क्या जरूरत पड़ी अगर हमारी बात को नहीं समझते हैं ओर वह किसानों को 12000 नहीं देते हैं तो ये उनकी मर्जी हैं ।
उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री किसानों की सुनते हैं व किसान समान निधि को 12000 करते हैं तो वो विजयी होंगे ओर अगर नही देते हैं तो किसान उनके खिलाफ हो जाएंगे ।
उन्होंने कहा कि आदमी को अपना फर्ज अदा करना चाहिए, हमारा भी फर्ज प्रधानमंत्री को सही सलाह देना है ।
उन्होंने कहा कि हमारी सलाह पर मोदी अमल करते हैं या नही ये उनकी मर्जी है ।
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