एसडीएम बडकोट के आदेश पर जिला सत्र न्यायालय की रोक, अब माँ रेणुका की पालकी पूर्व की भांति श्रद्धालुओं को घर-घर दे सकेगी दर्शन

चिरंजीव सेमवाल


उत्तरकाशी। न्याय मूर्ति कौशल किशोर शुक्ला जिला सत्र न्यायधीश उत्तरकाशी ने  परगना मजिस्ट्रेट बड़कोट के आदेश दिनांक 23. 11 .2020 पर रोक लगा दी है

एसडीएम बडकोट ने अपने आदेश में  मां रेणुका की पालगी कै लोगों के घरों मे पाठ- पूजा करने पर रोक लगा थी ।



   आदेश पर रोक से मां रेणुका मन्दिर ट्रस्ट सरनौल की ऐतिहासिक जीत हुई है। ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र प्रसाद सेमवाल ने  मां रेणुका मंदिर ट्रस्ट सरनौल का पक्ष रखते हुए कहा कि उप जिलाअधिकरी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आलोचक आदेश / पत्रांक 1265/2020-21 दिनांक 23.11. 2020 के क्रियान्वयन को निगरानी के निस्तारण तक स्थगित रखे जाने के आदेश पारित करने की प्रार्थना की है।  


वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सेमवाल ने मा. न्यायालय को कहा कि उप जिला अधिकारी बड़कोट को इस प्रकार के आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है । यह आदेश गैर कानूनी है। 


मां रेणुका पांच गांव की इष्ट देवी है 5 गांव के लोगों ने इसके संचालन करने के लिए  मां रेणुका मन्दिर ट्रस्ट का गठन भी कर रखा है ।  मां रेणुका परंपरा है वह सदियों से चली आ रही है।  चंद लोग मां रेणुका को अपने स्वार्थ के लिए राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहते हैं। उन्हें माननी न्यायालय में करारा तमाचा लगाया है।


न्यायालय के फैसला आने के बाद मां रेणुका मंदिर सरनौल के अध्यक्ष  विजेंद्र सिंह राणा ,उपाध्यक्ष  जोगिंदर सिंह रावत ,उपाध्यक्ष  राजेंद्र शास्त्री  ,महासचिव रणवीर सिंह राणा ,प्रबंधक जगमोहन सिंह राणा ,कोषाध्यक्ष सहदेव सिंह चौहान , सचिव जयेंद्र सिंह रावत बचाण  गांव ,खुशाल सिंह रावत चपटाडी, दिनेश लाल बसराली ,ऐलम सिंह बसराली,  पुजारी  केसवानंद सेमवाल, रामकृष्ण सेमवाल ,हरीकृष्ण सेमवाल व्याकरण आचार्य शक्ति प्रसाद सेमवाल, शांति प्रसाद सेमवाल, आचार्य गणेश  सेमवाल,  आचार्य मनोज सेमवाल , मारकंडे सेमवाल ने माननीय न्यायालय का आभार जताते हुए खुशी जाहिर  करते हुए कहा कि माननीय न्यायालय द्वारा जो आदेश पारित किया गया है वह हमारे  परंपरा को जीवित रखने के लिए है। क्योंकि हमारे जो पौराणिक परंपरा है मां रेणुका की पालकी सदियों से लोगों के घरों में जाती रही और आगे भी जाती रहेगी। 

उल्लेखनीय है कि उप जिलाधिकारी बड़कोट द्वारा 23 नवंबर 2020 को एक आदेश पारित किया गया था कि मां रेणुका की डोली किसी के घर में पूजा पाठ के लिए नहीं जाएगी केवल चार धाम गंगोत्री ,यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ , हरिद्वार ही जाएगी यदि कोई अपने घरों में ले जाएगा तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 मां रेणुका मंदिर ट्रस्ट सरनौल ने उक्त आदेश को जिला सत्र न्यायालय उत्तरकाशी में अपील की है।  जिसमें जिला सत्र न्यायालय ने मां रेणुका मंदिर ट्रस्ट सरनौल की अपील को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।

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