नमोन्यूज़: एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सामान्य जाती के व्यक्ति के अधिकार इसलिए खत्म नही हो जाते क्योंकि शिकायत कर्ता एससी एसटी है ।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट न के 3 जजों की पीठ ने एससी एसटी एक्ट पर बड़ा फैसला देते हुए कहा कि जबतक जाती के बजह से जानबूझकर प्रताड़ना न कि गई हो तबतक एससी एसटी एक्ट लागू नही हो सकता है ।
फैसले में कहा गया कि चाहरदीवारी के अंदर हुई प्रताड़ना को एससी एसटी एक्ट के दायरे में नही लाया जा सकता है ।
कोर्ट ने फैसले में कहा कि जबतक ये सिद्ध नही हो जाता कि उत्पीड़न जानबूझकर एससी एसटी का होने की बजह से किया गया है तब तक एससी एसटी एक्ट नही लगाया जा सकता है ।
कोर्ट ने फैसले में कहा कि उच्च जाति के व्यक्ति द्वारा एससी एसटी के व्यक्ति को गाली देने पर भी एससी एसटी एक्ट के तहत कार्यवाही नही की जा सकती है ।
नमोन्यूज़: कोर्ट ने कहा कि उच्च जाति का व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिये कोई कदम उठाता है तो भी एससी एसटी एक्ट नही लगाया जा सकता हैं ।
कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला सामान्य जाती के उन लोगो के लिये राहत भर है जो इस एक्ट की बजह से बार बार प्रताड़ित हो रहे हैं ।
एससी एसटी एक्ट को आधार बनाकर ब्लैकमेल करने वालो के लिए सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला बहुत बड़ा झटका है ।

0 टिप्पणियाँ