मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद, हरीश रावत ने कहा इस्तीफा ही एकमात्र विकल्प
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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद, हरीश रावत ने कहा इस्तीफा ही एकमात्र विकल्प
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद, हरीश रावत ने कहा इस्तीफा ही एकमात्र विकल्प
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हाईकोर्ट के एफआईआर दर्ज कर सीबीआई को जांच के आदेश को दी चुनौती
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हरीश बोले- सीएम त्रिवेंद्र के पास इस्तीफा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने भी खोला भाजपा के खिलाफ मोर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में केस दर्ज कर सीबीआई को जांच का आदेश देने के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उत्तराखंड सरकार ने भी हाईकोर्ट के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी है। याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट में स्वीकार किया था कि उसने डॉ. हरेन्द्र सिंह रावत और सविता रावत के जरिए रिश्वत लेने और उनके मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने के गलत आरोप लगाए थे। रावत ने हाईकोर्ट के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि हाईकोर्ट में उन्हें पक्षकार भी नहीं बनाया गया था। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जांच का आदेश देने से पहले उनका पक्ष सुनना भी जरूरी नहीं समझा।
उत्तराखंड सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश का विरोध करते हुए कहा गया है कि उमेश शर्मा के खिलाफ फर्जीवाड़ा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज था। उस पर गंभीर आरोप थे।
इधर, बुधवार को देहरादून में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में हाईकोर्ट के फैसले को कानून गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि जिन खातों में 25 लाख रुपये डालने के आरोप लगे, वह मुख्यमंत्री के रिश्तेदार नहीं हैं। प्रो. हरेंद्र सिंह रावत और उनकी पत्नी सविता के किसी खाते में कोई पैसा नही आया। यही नही, शिकायतकर्ता उमेश कुमार का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की पत्नी और प्रो. रावत की पत्नी सविता रावत को सगी बहनें बताना भी गलत है। दोनों का कोई रिश्ता नही है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता उमेश कुमार पर पांच राज्यों उत्त्तराख्ंण्ड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिमी बंगाल और दिल्ली में लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज है। सभी मुकदमे अलग-अलग प्रकृति के हैं। इससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा का भी पता चलता है।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने इस्तीफा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। इस मुद्दे पर राज्यपाल से मिलकर सीएम के इस्तीफे की मांग करेंगे।
उधर, आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्डा ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर जीरो टॉलरेन्स पर भाजपा सरकार पर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश किए हैं। इससे पता चलता है कि राज्य में करप्शन कितना बढ़ गया है
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