पूर्व विधायक मालचंद के बारे में क्या कहती है पुरोला की जनता

 पूर्व विधायक मालचंद के चर्चे पुरोला में ही नही अपितु पुरोला विधानसभा से बाहर भी हमेशा चर्चा के केन्द्र में रहते हैं ।

पुरोला विधानसभा के बाहर सोसल मीडिया पर उनके विरोधियों व समर्थको के द्वारा  उनके पक्ष व विपक्ष में चल रही खबरों की बजह से लोग उनके बारे मे जानने के लिए उकसुक रहते हैं ।

पुरोला में उनके धुर समर्थक उन्हें विकास पुरूष की संज्ञा देते हैं वही उनके विरोधी उन्हें विकास की सोच से परे का इंसान बताते हैं ।

उनके अधिकांश समर्थक बताते है कि जब मालचंद विधायक थे तब पुरोला में अनेकों सड़को का निर्माण हुआ व तब पुरोला की सड़कें गड्डा रहित थी ।




उनके अधिकांश समर्थक कहते हैं कि पुरोला की हर सड़क गड्डो पर है , वे कहते हैं कि यदि आज मालचंद विधायक होते तो पुरोला का सर्वांगीण विकास होता ओर सम्भवतः वो मंत्री भी होते ।

वही उनके धुर विरोधी बताते हैं कि पूर्व विधायक के कार्यकाल में पुरोला में एक भी विकास का पत्थर नही लगा है , विरोधियों का यह भी आरोप है कि उनकी निधि का चन्द लोगो के बीच बंदरबांट हुई व किसी भी गांव में निधि से कोई कार्य नही हुआ है ।

झामणिया विधायक के रूप में मिली ख्याति ।

पूर्व विधायक मालचंद खुद भी अपने भाषणों में कहते हैं कि ओ झामणिया विधायक है व उनके विरोधी भी उनको झामणिया विधायक कहते हैं ।
दरसल विधायक रहते हुये मालचंद ने देवी देवताओं की खूब सेवा की व देवताओं के मंदिर , ढोल व झामण बनाने के लिए खूब पैसे दिए । इसी बजह से विरोधियों ने उन्हें झामणिया विधायक की संज्ञा दी ।
लेकिन पूर्व विधायक के लिए देवताओं की सेवा वरदान बना व जनता उनको वोट देने लगी ।
वही उनके विरोधी लामबंद होकर आरोप लगाते हैं कि झामण बनाना जनता का काम है विधायक का काम स्कुल, कॉलेज व हास्पिटल की दशा सुधारना है जो कि उनके विधायक रहते बदतर हालत में पहुंचे हैं ।

क्या है पूर्व विधायक मालचंद का पक्ष


 पूर्व विधायक मॉलचन्द अपने ऊपर लगे आरोपों का क्या जवाब देते हैं व आगे की उनकी क्या नीतियां है ये जानने के लिए नमोन्यूज़ उनसे खुद रूबरू होगा व उनके कार्यो को उनकी ही जुबानी आप तक पहुचायेगी ।




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