छटांगा डेंजर जोन बना विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के लिए नासूर । आल वेदर कम्पनी के द्वारा जरूरत से अधिक पहाड़ो में ब्लास्ट से यमुनोत्री हाईवे NH.94 के छटांगा के पास नासूर बना हुआ है, क्रेशर के लिए पत्थर का निकाला जाना भी देखा जा रहा है,

 महाबीर पँवार माही, बडकोट

छटांगा डेंजर जोन बना विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के लिए नासूर


आल वेदर कम्पनी के द्वारा जरूरत से अधिक पहाड़ो में ब्लास्ट से यमुनोत्री हाईवे NH.94 के छटांगा के पास नासूर बना हुआ है, क्रेशर के लिए पत्थर का निकाला जाना भी देखा जा रहा है,

जहाँ ऑल वैदर कम्पनी के लिए कामधेनु  गाय बनी है तो आम पब्लिक और पेपर देने वाले विद्यार्थियों के लिए आवाजाही न होना सिरदर्द बना हुआ है।


 

लगभग 100 मीटर हाईवे का हिस्सा आज तीसरे दिन बंद है दरअसल छटांगा में ढंगार के पास पहाड़ी से किसी भी समय पहाड़ी से चट्टान गिरने का भय बना हुआ है, मार्ग काफी संकरा और दलदल है इसलिए पहाड़ी से गिरते हुए पत्थर का कोई पता नही चल पा रहा है, जिसका खतरा कम करने के लिए NH और आल वेदर द्वारा स्पोर्ट में रात को ब्लास्टिंग की गयी, ब्लास्टिंग करने के बाद पूरा चट्टानी मलवा सडक पर आ गया और अब लगातार पहाड़ी से मलवा गिर भी रहा है जो रुकने का नाम नही ले रहा है जिसके चलते सडक पर काम नही हो पा रहा और मलवा भी नही हटाया जा सका है, फिलहाल इस स्पोर्ट से आवाजाही पूरी तरह बंद है, रोजाना सफर करने वाले राहगीर 20-25किमी अतिरिक्त_दूरी तय कर पौंटी पुल और गड़ोली होते हुए राजतर पहुँच रहे है, मार्ग कब तक खुलेगा इसके लिए मलवा रुकने का इन्तजार NH विभाग कर रही है|


Sdm बड़कोट महोदय और NH विभाग से निवेदन है कि बेवजह ओवर ब्लास्ट के लिए संज्ञान में लें और कम्पनी को रोका जाए और कम्पनी को सख्त चेतावनी दी जाय कि इस तरह से बर्दास्त नही , जिससे कम्पनी अपने फायदे के लिए आम जनता को परेशानी उठानी पड़े।

 

आजकल खरादी और टटाऊ महाविद्यालय में पेपर चल रहे हैं तो हमारे सैकड़ो भाई बहन छात्र छात्राएं नदी को तैरकर जान जोखिम  में डालकर पेपर देने जा रहे हैं और कुछ स्थानीय लोग और विद्यार्थी दुगुना किराया और लंबी दूरी नापकर परीक्षा देने पहुंच रहे हैं, यदि ऐसे में किसी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ऑल वेदर कम्पनी और NH विभाग की होगी, SDM बड़कोट इस विषय पर तत्काल संज्ञान लें और समस्या का समाधान करवाया जाना चाहिए, और जब तक मार्ग इसी तरह से बाधित है तब तक नदी पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पुलिया निर्माण करवाया जाय और आल वेदर कम्पनी तब तक विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़कोट से खरादी और खरादी से बड़कोट पहुंचाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था करे ,क्योंकि इनकी लापरवाही से ही इस तरह की समस्या उत्तपन्न ह्यूई है।


साथ ही गीठ क्षेत्र के किसानों की एकमात्र नगदी फसल आलू जो आजकल निकला है उसको कैसे मंडी तक पहुंचाया जाएगा इसलिए जल्द से जल्द अवरुद्ध मार्ग को सुचारू किया जाना चाहिए ।

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