पप्पू राणा कौन है, आखिर क्यों है पप्पू राणा का नाम जुबां जुबां पर, क्या करता हैं पप्पू राणा, जानिए पप्पू राणा पर नमोन्यूज़ की ये खास रिपोर्ट

 जब भी पुरोला में कोई हादसा होता है पप्पू राणा वहां पहुंचकर बचाव कार्य मे जुट जाते हैं, शनिवार को पुरोला में जब रोडी से भरा डम्फर मजदूरों की झोपड़ी पर जा गिरा व मलबे मजबूर परिवार दब गया तो इस शख्स ने सबसे पहले वहां पहुंचकर अपनी जान की परवाह किये बिना मजदूर परिवार को मलबे से निकालने में जुट गया ।

इनके साहस व धैर्य से मजदूर परिवार का मुख्य जियालाल तो मलबे से निकाल लिया गया पर जियालाल की पत्नी व पुत्र को नही बचाया जा सका ।


नमोन्यूज़ की टीम खुद मौके पर थी पर बचाव कार्य मे हो रही मुस्किलो की बजह से घटना की कवरेज करने की अपेक्षा बचाव कार्य मे सहयोग किया । बचाव कार्य की कवरेज न करने के लिए हम अपने पाठकों से छमा मांगते हैं, क्योंकि कबरेज से ज्यादा हमारी प्राथमिकता मजदूर परिवार को बचाना था ।

 खैर ये पहली घटना नही थी जहां पप्पु राणा बचाव कार्य मे जूट हो, गत वर्ष जब पुरोला बाजार में आगजनी की घटना हुई व उसकी चपेट में भारद्वाज पुस्तक भण्डार आने लगा तो वहां भी पप्पू राणा ने आगे बढ़कर करोड़ो का नुकसान होने से बचाया ।

 फोटो खिंचवाने के लिए तो बहुत से लोग बचाव कार्य मे जुटते है पर ये ओ नायक हैं जिसे सिर्फ सेवा से मतलब है फोटो खिंचवाने से नही ।

पुरोला के इस महानायक को नमोन्यूज़ की पूरी टीम सत्त सत्त नमन करती हैं, ईश्वर से इनकी लम्बी उम्र की दुआ करते हैं ताकि ये योंही लोगों की मदद करते रहे ।

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