उत्तरकाशी से पुरोला यात्रियों को लेकर आ रही सवारी बस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किस तरह किया जा रहा है ।
यह फोटो को कुछ इस तरह से बयां कर रहा है सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर किस तरह जनता का शोषण किया जा रहा है ।
जहां जनता दर दर की ठोकरे खा रही हैं, वहीं पर कुछ लोग चांदी काट रहे हैं । यह फोटो खुद बता रहा है कि उत्तरकाशी से पुरोला आ रही बस किस तरह से यात्रियों से खचाखच भरी हुई है , उसके बावजूद जो किराया ₹400 वसूला जा रहा है यानि कि एक तो आदमी कोरोना की मार से पहले ही परेशान है उस पर किराया दुगुना वसूला जा रहा है ।
उस पर कहा जा रहा है कि किराए इसलिए वसूला जा रहा है क्योंकि एक सीट पर एक आदमी को बैठाया जा रहा है लेकिन यह फोटो खुद बयां कर रहा है कि एक सेसीट पर एक नहीं बल्कि हमेशा की तरह की बस यात्रियों से खचाखच भरी है ।
फोटो के लिये आभार:- सामाजिक कार्यकर्ता एवम शिक्षाविद्ध आशीष मेगवाल ।
उम्मीद है प्रसासन यात्रियों को हो रही परेसानी का संज्ञान लेगा ।

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