शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निजी बयान से प्राइवेट स्कूल अभिभावक को कोई आस नहीं इं०डीपीएस रावत

पौड़ी गढ़वाल , 30 जुलाई
पूर्व सांसद प्रत्याशी गढ़वाल इं० डीपीएस रावत ने कहा कि,अगर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे इस तरह से बयान करते हैं , जो अभिभावक के सामने प्राइवेट स्कूल की फीस जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं, वह अपने बच्चों को प्रदेश के सरकारी स्कूल में दाखिला करे। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री अब यह बताए कि कौन सी आपकी सरकारी  स्मार्ट स्कूल हैं जिसमे बच्चो को पढ़ाया जाय, एक भी स्कूल का नाम बताए जनता को, जहां पर दाखिला लिया जाय। 
उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से शिक्षा मंत्री कह रहे है , उस हिसाब से तो लगता हैं कि शिक्षा मंत्री की निजी स्कूल चल रही होगी, जो शिक्षा मंत्री इस तरह बयान बाजी कर रहे है।
लॉकडाऊन मे लोगो का रोजगार छिन चुका हैं, कहा से फीस देंगे, आपको तो सरकारी तनख्वा मिल रही हैं, प्राइवेट जॉब करके देखिये मान्यबर तब पता चले कितनी समस्या हैं उत्तराखण्ड मे,और साथ मे प्राइवेट स्कूलों की फीस की  लूट जो मची हुई हैं। 
पिछले 19 सालो का ग्राफ देखा जाय तो पहाड़ मे पलायन का यह भी एक मुख्य कारण हैं। आज  शिक्षा की बात करे तो पहाड़ मे बिलकुल चौपट हैं, बहुत से स्कूलों मे 250 से 300 विधार्थी हैं पर टीचर 5,7 ही हैं, कुछ कुछ गावँ मे तो अभी भी सड़क ना होने के कारण लोग अच्छी शिक्षा के लिये शहरों की और दौड़ रहे हैं।
आज डिजिटल का युग हैं पर क्या पहाड़ो मे इसका कितना असर हैं वह पूरा उत्तराखण्ड देख रहा हैं, हम चाँद पर जमीन खरीदने के सपने जरूर देख रहे हैं पर हकीकत कुक इस तरह से हैं, स्मार्ट क्लास के लिये विद्यार्थी पहाड़ो मे 2,3 किलोमीटर पैदल चलकर पढ़ाई कर रहे हैं। हम 5जी की बात करते हैं पहाड़ो मे तो 2जी की भी स्पीड नहीं आती हैं। स्मार्ट क्लास से 5,10 साल के बच्चो पर कितना असर पड़ रहा हैं। वह उनके परिवार से पूछिये। प्रदेश मे बहुत से गरीब परिवार भी हैं जिनको एक बक्त का खाना भी मुश्किल से नसीम होता हैं। और शिक्षा मंत्री जी स्मार्ट क्लास की बात करते हैं।
बीजेपी कांग्रेस की गलत नीति से पहाड़ो की शिक्षा के छेत्र मे बहुत गिरावट आ गई हैं। आज पहाडो के एक भी सरकारी स्कूल से आईएएस पीसीएस नहीं निकल पा रहे है! यह सबी हमारे नेताओ के कर्मो का फल हैं

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