आजकल सम्पूर्ण राष्ट्रभर में लौकडाउन के चलते काफ़ी दिनो से अपने पेत्रिक़ गाँव में हूँ.. जहाँ कुछ ऐसे असहाय परिवारों से रुबरू हुआ
जो लोकडाउन के कारण अपने रोज़मर्रा के कामकाजों के बंद पड़ जाने से घर चालाना नामुमकिन है, साथ ही कुछ ऐसे भी परिवार दिखे जो विकलांगता का शिकार ओर व्रध्दअवस्था आने से जिनका घर चलना कठिन है, जिसको देखते हुए मैंने आज उन घरों मे अपने ख़ुद के पैसों से आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, चायपती, नमक,मसाला, साबुन समेत अन्य खाद्य सामग्री ख़रीदकर असहाय ज़रूरतमंद परिवारों मे वितरित कर इस विप्पति घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया!!
साथ ही प्रशासन ओर सरकार से भी निवेदन है कि केवल बाज़ार ओर शहरी क्षेत्र में ही असहाय ओर ग़रीब तपके के लोग नही रहत, क्रपया गाँव में रह रहे ग़रीबों ओर असहाय लोगों तक भी कुछ राहत सामग्री पहुँचाने की व्यस्था बनाने का काम करें!!
जो लोकडाउन के कारण अपने रोज़मर्रा के कामकाजों के बंद पड़ जाने से घर चालाना नामुमकिन है, साथ ही कुछ ऐसे भी परिवार दिखे जो विकलांगता का शिकार ओर व्रध्दअवस्था आने से जिनका घर चलना कठिन है, जिसको देखते हुए मैंने आज उन घरों मे अपने ख़ुद के पैसों से आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, चायपती, नमक,मसाला, साबुन समेत अन्य खाद्य सामग्री ख़रीदकर असहाय ज़रूरतमंद परिवारों मे वितरित कर इस विप्पति घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया!!
साथ ही प्रशासन ओर सरकार से भी निवेदन है कि केवल बाज़ार ओर शहरी क्षेत्र में ही असहाय ओर ग़रीब तपके के लोग नही रहत, क्रपया गाँव में रह रहे ग़रीबों ओर असहाय लोगों तक भी कुछ राहत सामग्री पहुँचाने की व्यस्था बनाने का काम करें!!




1 टिप्पणियाँ
Gud work dear
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