पुरोला में केजरीवाल की दिल्ली से भी बेहतरीन स्कूल , हेडमास्टर खुद के वेतन से बना रहे हैं स्कूल को आधुनिक, स्कूल में प्रोजेक्टर से चलाई जाती है कक्षायें

(ग्राउंड रिपोर्ट ) पुरोला। ब्लाक में भी एक केजरीवाल का स्कूल है। इस राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के बच्चे दिल्ली के सरकारी विद्यालय के बच्चों से कम नही है।
यहाँ शिक्षा से लेकर बच्चों के स्वास्थ्य पर विद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान दिया जाता है। इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभी तक अपनी वेतन से करीब दो लाख रूपये विद्यालय के रख रखाव व बच्चों पर खर्च कर चुके है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि शासन, प्रशासन की उपेक्षा का दंश झेल रहे सर बडियार क्षेत्र के तीस बच्चे भी यहाँ अध्ययन कर रहे है।
         ब्लाक के खड़क्यासेम न्याय पंचायत के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय उदकोटी को क्षेत्र के लोग केजरीवाल के स्कूल के नाम से सम्बोधित करते है।
इस विद्यालय में महर गाँव, कंडियाल गाँव, बसंत नगर, बैणा सहित 27किमी दूर सर बडियार क्षेत्र के पौंटी, छानिका, गौल,किमडार, कंसलौ, डिंगाड़ी के बच्चे अध्ययन कर रहे है।सर बडियार क्षेत्र के लोगों ने यहाँ अपने रिश्तेदारों के यहाँ तथा कुछ लोगों ने किराए में कमरे लेकर यहाँ बच्चों को पढ़ा रहे है।









विद्यालय के प्रधानाध्यापक पृथ्वी सिंह रावत ने करीब डेढ़ लाख रूपये की लागत से अपनी वेतन से यहाँ खेल मैदान तैयार किया है साथ ही बच्चों के लिए एक पुस्ताकालय की व्यवस्था की है। खेल मैदान में बच्चों के लिए फिसल पट्टी भी लगाई गई है। यहाँ कम्प्यूटर की कक्षा के साथ ही आॅडियो वीडियो द्वारा भी बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है। योगा की कक्षा भी संचालित की जाती है।इतना ही नही विधालय के बच्चों को मध्याहन भोजन डायनिंग टेबल पर दिया जाता है।बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर है।पुस्ताकालय मे बच्चों के पढ़ने हेतु समाचार पत्रों की व्यवस्था की गई है। यहाँ महिने मे प्रत्येक बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। विद्यालय में बच्चों का सामुहिक जन्मोत्सव भी मनाया जाता है जिसमें विशेष भोज की व्यवस्था की जाती है।
पुरोला । विधालय के प्रधानाध्यापक पृथ्वी सिंह रावत का यहाँ कड़ा अनुशासन है।यहाँ तैनात पांच सहायक अध्यापकों के मोबाइल विधालय पहुँचने पर आॅफिस में जमा कर दिए जाते है। अगर किसी अध्यापक का फोन आता है तो स्वयं प्रधानाध्यापक क्लास मे पहुँच कर अध्यापक से बात करवाने के बाद फिर मोबाइल आॅफिस में जमा कर देते है।
विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष जगवीर सिंह जयाड़ा ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या प्रति वर्ष कम हो रही है लेकिन यहाँ हर वर्ष छात्र संख्या बढ ही रही है। अभिभावक बचन सिंह, विनोद सिंह, चरण सिंह आदि बताते है कि क्षेत्र के लोग इसे केजरीवाल का स्कूल कहते है। यहाँ के प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों के शैक्षिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ के बच्चे किसी प्राइवेट विधालय के बच्चों से कम नही है।
पुरोला। विद्यालय के प्रधानाध्यापक पृथ्वी सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने दिसम्बर 2016मे यहाँ पदभार गृहण किया था तब यहाँ छात्र संख्या 56थी आज छात्र संख्या 69है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के लिए खेल मैदान नही था। पुस्ताकालय नही था। उन्होंने सबसे पहले अपनी वेतन से डेढ़ लाख रूपये से खेल मैदान का निर्माण किया। पुस्ताकालय की व्यवस्था की।शौचालय की मरम्मत की। आज विद्यालय में बालक, बालिकाओं के लिए अलग अलग शौचालय की व्यवस्था है।उन्होंने बताया कि हर माह दो तीन हजार रूपये आज भी अपनी वेतन से बच्चों पर खर्च करते है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब दो लाख से भी ऊपर अपनी वेतन से विधालय के रख रखाव व बच्चों पर खर्च कर चुके है। उन्होंने कहा कि आगे भी यह सफर जारी रहेगा क्योंकि उनका मकसद सुदूरवर्ती क्षेत्र के गरीबों के बच्चों को अच्छी  तालिम उपलब्ध कराना है।
Sent from my Samsung Galaxy smartphone.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ