PWD में संविदा जेई ने दिया इस्तीफा कहा मिस्त्री से भी कम मिल रहा है वेतन, पांच साल से नही हुई है वेतन बृद्धि

नमोन्यूज़
पीडब्ल्यूडी व अन्य महकमो का आलम ये है कि यहां पांच वर्षों तक कार्य करने वाले संविदा जेइयो की तनख्वाह मात्र 15 हजार है ।
 इस नाइंसाफी से नाखुश होकर निर्माण खण्ड लोहाघाट में तैनात संविदा में कार्यरत जेई कृतिका बिष्ट ने पद से स्तीफा दे दिया ।
कीर्तिका ने अपने त्यागपत्र में उल्लेख करते हुए कहा है कि हमसे जादा तो विभाग में श्रमिको को वेतन मिलता है, कई वर्षों से आस लगाने के बावजूद वेतन में बृद्धि न होने की बजह से मजबूर होकर स्तीफा देना पड़ रहा है ।
 जहां संविदा में कार्यरत जेइयो की पगार बढ़ाने के लिये विभाग बजट का रोना रोता है वही उच्च पदों से रिटायर होने वालों को ऊंची पगार पर विभाग सलाहकार के रूप में नोकरी पर रखता है ।
संविदा पर कार्यरत अधिकतर जेइयो का नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि नाइंसाफी तो बहुत हो रही है, लेकिन इस नाइंसाफी के खिलाफ खड़े हुए तो हाथ आई नोकरी भी चली जायेगी, इसलिए चुपचाप नोकरी करते रहने में ही भलाई है ।।
वर्ष 2019 सड़ जूनियर इंजीनियरो का मानदेय 35 हजार करने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में ।
 सासन को 2019 में मानदेय बढाने का प्रस्ताव विभाग को दिया था किंतु उसपर आपत्ति लगने के बाद पुन्ह प्रस्ताव सासन को भेजा गया था किंतु अभी तक वेतन बृद्धि का तोहफा संविदा पर कार्यरत जूनियर इंजीनियरो को नही मिला है ।।

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