बाँध बैराज ही उतराखन्ड केआय के स्रोत होगें! दुर्गेश्वरलाल

बीएस रावत

अगर पलायन रोकना है, तो हमे पहाड का पानी पहाड की जवानी  को रोक कर आय के स्रोत बनाने होंगे, यह बिचार जनता द्वारा बनाये गये, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश्वरलाल के है! बहर हाल चन्द विकाऊ लोगों द्वारा यह जनता के द्वारा उठाये गये विधायक प्रतिनिधि को पिछले  चुनाव में सफलता न मिली हो! लेकिन युवाऔं की व जनता की चाहत तो लोक प्रिय नेता कि  जगह काम प्रिय नेता को ही जनता चाहती है! जिससे आज भी पुरोला विधानसभा की जनता दुर्गेश्वरलाल को अपने  सामाजिक  कार्यौ मे शासन  प्रशासन से जूझने की  क्षमता रखने वाले दुर्गेश्वरलाल को ही मानती हैं! यह बात न असत्य है, ना ही झूठी अफवा, क्यौ कि ईनकी पहल के द्वारा मोरी मे नैटवाड मोरी बांध परियोजना को बेरोजगारी के साथ जोडना, छोटी विद्यूत परियोजनाओं को पहाड़ मे बनवाना स्थानीय युवाऔं को पहली प्राथमिकता देकर कम्पनी मे रोजगार स्रीजन करवाना, बाँध बैराज परियोजना से राज्य की आर्थिक आय के स्रोत बढाना जैसी समस्याओं पर झूझते हुए, जनहित की लड़ाई में प्रतिभाग लेना ही ईनका  लक्ष्य रहा है! सबसे बडी बात यह है कि पहाडो पर छोटी छोटी विद्यूत परियोजनाओं की शुरूआत यदि की जाय तो बडी परियोजनाओं की आवश्यकता ही  नहीं होगी! जिससे यहां के धक्के खा रहे ईलैक्ट्रिक से बी टैक एम टैक जैसै ईन्जिनियर अपने पावर प्लांट के मालिक हो सकेगे, ईसके साथ छोटी बांध बैराज परियोजना पर्यावरण व  खनन को कम करने मे अधिक सफल सिद्ध होगी !सतलुजजल विद्यूत निगम  एवं जेपी कम्पनी के सन्दर्भ में उन्होने कहा कि हम पहले ही बता चुके है! कि हम बांध बैराज बिरोधी कदापि नहि है, किन्तु जब कम्पनी आमजनता के व  श्रमिकों के हितो के साथ खिलवाड करेगी, तो ईसकी अनदेखी करना हमारा ना जमीर कहलाता है! ना ही उसमे चुप्पी साधी जायेगी, क्यौ कि ईस संदर्भ में  श्रम विभाग को भी जांच कराने की मेरे द्वारा सिफारिश की गयी है! यहि नही जेपी कम्पनी के क्रेशर प्लान्ट की उत्पादन  क्षमता कितनी है, लेकिन पावर प्लांट कईगुना अधिक लगाया गया है! स्थानीय लोगो की मशीनो वाहन को कंम्पनी मे लगवाने के लिए छतीस प्रकार के बहाने कंपनी वाले करते देखे जांयेगे, लेकिन बाहरी अवैध वाहन यंहा काम पर लगाये गये, है! सूत्रो के अनुसार बिना कागज पतर वाले वाहन भी काम पर लगे हैं जिसकी जांच के लिए हम ततपरता के साथ असली मुकाम तक पहुचाना, हमारा मौलिक अधिकार है! बाँध बैराज परियोजना से राज्य की आर्थिक आय स्वरोजगार सुधरे लेकिन अनैतिक माहौल भ्रष्टाचार न हो, ईसकी पैरवी करना लोकतंत्र कि पहली कडी होती है! जिसके लिए हमे हमारे साथ जनता के लिए जनता को प्रणेता के साथ रहना चाहिए?

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