मरीजों को कंधो पर अस्पताल पहुंचाना पीड़ादायक
http://onemboaran.com/afu.php?zoneid=3012070 आए दिन क्षेत्र में पीड़ा से कराह रहे मरीजों को कंधो के सहारे लाने लेजाने की अनेकों घटनाएं सुनने को मिलती हैं। बीते कल भी कुछ ऐसी ही घटना क्षेत्र के ग्राम कचानू की सामने आयी जहां विकट परिस्थितियों में एक गर्ववती महिला को प्रसव के लिए गांव वासियों द्वारा कंधो के सहारे कच्चे पहाड़ी रास्तों से होते हुए सड़क तक व उसके बाद निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।
व्यवस्थाओं की कमी से जूझ रहा हमारा क्षेत्र लेकिन जनप्रतिनिधि चिंतामुक्त
आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद आज भी क्षेत्र में कई गांव ऐसे है, जो प्राथमिक मूलभूत व्यवस्थाओं जैसे सड़क से वंचित व कई इलाके ऐसे है जहां दूर- दूर तक प्राथमिक उपचार केंद्र तक की व्यस्था नहीं हैं, और जहां है वहां अधिकांशतः इमारतें तो हैं लेकिन कोई स्टाफ नहीं। लेकिन असल चिंता का विषय क्षेत्र की अजागरुकता से कई गुना ज्यादा, क्षेत्र द्वारा चुने गए यहां के उन जनप्रतिनिधियों को लेकर है, जो चिंतामुक्त होकर अपनी सत्ता की मदहोशी में गुम हैं।
नेताओं के वादे भूलना उनकी मौकापरस्ती और उन वादों को याद ना दिलाना हमारी अजागरुकता
चुनावी समय में क्षेत्रीय नेताओ का विकास परिपेक्ष में बड़े-बड़े बोल, वादे और सपने दिखाना और चुनाव के बाद उन्ही वादों को भूल जाना क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की मौकापरस्ती व उनके दिखाए सपनों वादों को चुनाव के बाद पूरा ना करने पर भी हम आम जनता द्वारा उनका विरोध ना करना हमारी राजनैतिक अजागरूकता को स्पष्ट करता है।
क्षेत्र में व्यवस्थाओ के लिए प्रयास आज हमारी मुख्य जिम्मेदारी??
आज हम सब को जरूरत है अपने राजनीतिक दल या व्यक्ति के प्रति अपनी हितेषीता साबित करने और दलवाद, व्यक्तिवाद की गुलामी से उपर उठ क्षेत्रहित और विकास के प्रति क्षेत्रीय-एकजुटता को अपनी प्राथमिकता दर्शाते हुए , क्षेत्रीय प्रतिनीधियों को चेताने, विरोध जताने और बहिष्कार करने की, और शायद तभी हम क्षेत्र के विकास की गति को तेज कर, मूलभूत व्यवस्थाओं को क्षेत्र के कोने कोने तक पहुंचा सकते हैं।



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