पेंशन ना मिलने से बुजुर्ग हो रहे हैं दुखी ,रोज खा रहे हैं बैंकों के चक्कर, नेटवर्क की प्रॉब्लम की वजह से नहीं दे पा रहे हैं बैंक पेंशन

पुरोला में नेटवर्क की खराबी के कारण आम आदमी को बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं । आए दिन की बात हो गई है कि बैंक ग्राहकों को लौटा देते हैं, इस सब का सबसे ज्यादा असर उन बुजुर्गों को पड़ रहा है जिनको सरकार बुजुर्ग पेंशन देती है । रोजी रोटी का एक ही सहारा बुजुर्ग पेंशन होने की वजह से बुजुर्ग टकटकी लगाए रहते हैं कि कब उनकी पेंशन मिले ।लेकिन पुरोला में नेटवर्क इतना खराब है कि बैंक विचारे बुजुर्गों को बैरंग लौटा देते हैं ।
बुजुर्ग भरत सिंह बताते हैं 82 वर्ष की उम्र में वह पैदल घर से बाजार आते हैं, बैंक में जाते हैं लेकिन बैंक नेटवर्क ना होने का रोना रोकर उन्हें पेंशन नहीं देते है । बुजुर्ग का कहना है कि सरकार उन्हें हजार रुपाए प्रतिमाह पेंशन देती है जोकि 3 महीने में मिलती है लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद जब हम बैंक में जाते हैं तो बैंक अधिकारी बताते हैं कि अभी नेटवर्क नहीं है, कभी-कभी तो पूरा दिन बैंक में बीत जाता है लेकिन नेटवर्क नहीं आता । इस तरह से थककर फिर घर जाते हैं वह फिर दोबारा दूसरे दिन आते हैं, इस तरह कई दिन के चक्कर लगने के बाद उनकी पेंशन मिल पाती है बुजुर्ग भरत सिंह बताते हैं कि उन्होंने सभी स्थानीय नेताओं से इस संबंध में बात करने की कोशिश की लेकिन नेता कहते हैं उनके पास समय नहीं है ।
 सामाजिक कार्यकर्ता कविंदर असवाल का कहना है की बुजुर्गों की दिक्कतों को देखते हुए बैंकों को इन बुजुर्गों के लिए ऑफलाइन परमिट की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि बेचारे बुजुर्ग इस तरह बैंकों के चक्कर ना काटे।

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