सालभर में कई दुकानें व घर जलकर तबाह, सासन - प्रसासन मोरी में आगजनी रोकने के लिये नही उठा रहा है ठोस कदम, हाल ही में मोरी बैरियर के पास कई दुकानें जलकर राख, नही आया कोई मरहम लगाने ।

बी एस रावत मोरी
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बचन सिह रावत, खुशहाल सिह सहित कई अन्य ईस दैवीय आपदा की चपेट मे, मोरी बैरियर की आगजनी हो या फिर सिदरी जखोल, देहरादून के तिऊनी, लेकिन आजतक सतर सालो मे ऱाज्य के नेता हो या प्रशासन, एसी घटनऔ  पर मरहम लगाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहि निकाल पायी,  मोरी बाजार में यह कोई दैवीय आपदा की नयी घटना नहि है! 1983/मे पुरा बाजार आग की आगोश मे चढा था! जब कि सैकड़ों दुकाने ईसी प्रकार जलकर राख हो गयी थी!  1990/मे बादलफटने से कई अध्यापको की जान चली गयी थी!हाल ही मे नैटवाड बाजार मे यह घटना हुई, लेकिन सतरवर्षौ मे शासन प्रशासन ने ईसका मरहम लगाने के अलावा कोई हल नहीं निकाला  जहां नेताऔ के लिए यह वाही वाही का मंच मिल जाता है! वंही प्रशासन ने भी  गंम्भीरता से ईस आपदा से निपटने के लिए कोई ठोस कदम न ऊठाना मानवाअधिकार पर कुठारा  घात करना जैसी घटना को उजागर  कर देता है!  उतराखन्ड राज्य के उतरकाशी जनपद की सीमा देहरादून से लगी है, ईस लिहाज से दो जनपदो के बीच एक फायर ब्रिगेड की स्थापना न करवा पाना या तो यंहा कि जनता की कमजोरीयौ को दर्शाती है, या नेताऔ के मरहम पर हामी भरने में ही लोगौ की खुशी से संतुष्ट होना ही आदत बन चुकी हैं, अब तक की मरहमी सैंध के मन्रीयौ, नेताऔ के द्वारा लगाये जाने पर प्रधान संघ अध्यक्ष मनोज सिंह चौहान ने, राज्य
आन्दोलनकारी मंच के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सिह रावत ने सचिव  विपिन सिह चौहान ने, आरोप लगाते हुए कहा कि मोरी में फायर ब्रिगेड की स्थापना न कर मोरी वासीयौ की घोर  उपेक्षा है! देहरादून की सीमा व उत्तरकाशी की सीमाऐं परस्पर मिली हुई है! जिससे यह बीच की सीमा खुनीगाड पर फायर ब्रिगेड बनवाया जा सकता है,जिससे  दोनो जिलो को ईस दैवीय आपदा से बचाया जा सकता है!

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