⏰ वक्त ⏰
ऐ वक्त किसी को तू हसाता है तो किसी को तू रूलाता है
किसी को खुशी देता है तो किसी को गम देता है
तू कभी कुछ सोचता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
कभी तुझमें उदासी भरी श्याम होती है
तो कभी तुझमें उमंग भरी सुबह
कभी महफिलों में रात गुजरती है
तो कभी तन्हाइयों में आंखें भर आती है
तू रहम करता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
कभी अपनों का हाथ तो कभी तन्हाइयों का साथ
कभी प्यार भरे जज्बात तो कभी दर्द का एहसास
कभी वो यादें तो कभी वो वादे
तू कुछ सहजता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
तुझमें ही मेरेे दिन, तुझमें ही रात
तुझमें ही मेरे चर्चें, तुझमें ही बात
तुझमें ही मेरी चिंता, तुझमें ही मेरा सुकून
फिर भी तू मेरी एक सुनता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
तुझमें ही जिंदगी मिलीं, तुझमें ही मौत मिली
तुझमें ही पतझड़ आए, तुझमें ही कलियाँ खिली
तुझमें ही बचपन मिला, तुझमें ही मिली जवानी
तुझमें ही बुढापा मिला, तुझमें ही खत्म हुई न जाने कितनी कहानी
पर तू पिछे कभी मुड़ता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
-- शिवम सेमवाल
ऐ वक्त किसी को तू हसाता है तो किसी को तू रूलाता है
किसी को खुशी देता है तो किसी को गम देता है
तू कभी कुछ सोचता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
कभी तुझमें उदासी भरी श्याम होती है
तो कभी तुझमें उमंग भरी सुबह
कभी महफिलों में रात गुजरती है
तो कभी तन्हाइयों में आंखें भर आती है
तू रहम करता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
कभी अपनों का हाथ तो कभी तन्हाइयों का साथ
कभी प्यार भरे जज्बात तो कभी दर्द का एहसास
कभी वो यादें तो कभी वो वादे
तू कुछ सहजता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
तुझमें ही मेरेे दिन, तुझमें ही रात
तुझमें ही मेरे चर्चें, तुझमें ही बात
तुझमें ही मेरी चिंता, तुझमें ही मेरा सुकून
फिर भी तू मेरी एक सुनता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
तुझमें ही जिंदगी मिलीं, तुझमें ही मौत मिली
तुझमें ही पतझड़ आए, तुझमें ही कलियाँ खिली
तुझमें ही बचपन मिला, तुझमें ही मिली जवानी
तुझमें ही बुढापा मिला, तुझमें ही खत्म हुई न जाने कितनी कहानी
पर तू पिछे कभी मुड़ता नहीं
ऐ वक्त तू रूकता नहीं
ऐ वक्त तू झुकता नहीं।
-- शिवम सेमवाल

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