चकराता देहरादून
महाभारत कालीन शिवनगर लाखामंडल शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील गौड़ की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई है। जिसमें समिति के पदाधिकारी पुजारी गण उपस्थित थे। समिति के अध्यक्ष शुशील गौड़ ने कहा महाशिवरात्रि पर्व की तैयारी जोरों पर है स्थानीय परंपराओं के अनुसार शिवरात्रि महापर्व को बड़े दिव्यऔर भब्य के साथ मनाने का संकल्प लिया समिति अध्यक्ष ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति ने 15 फरवरी को भंडारे का भी आयोजन होगा। और भंडारी के साथ-साथ दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। समिति द्वारा विश्व शांति मानव कल्याण भारत की सुख समृद्धि एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए वैदिक ब्राह्मणों द्वारा महारूद्राभिषेक भी किया जाएगा। आपको बताते चलें कि शिवरात्रि महापर्व पर विशेष धार्मिक पूजा का महत्व है इस स्थान पर दूर-दूर से कई निसंतान दंपति यहां पूजा अर्चना और संतान प्राप्ति के लिए वरदान मांगने के लिए रात्रि जागरण के लिए भी आते हैं
पौराणिक मान्यता के अनुसार,महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे शिव-शक्ति के दिव्य मिलन के रूप में मनाया जाता है।इस दिन उपवास, शिव अभिषेक, और जागरण करने से भक्तों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। यह अहंकार को नष्ट करने और शिव तत्व (आत्मज्ञान) से जुड़ने का अवसर है।शिवरात्रि महापर्व पर भक्त सुबह से ही शिव मंदिरों में जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और दूध चढ़ाते हैं। 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया जाता है, उपवास रखा जाता है और पूरी रात (जागरण) शिव की पूजा की जाती । इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा, सचिव अतर दत्त बहुगुणा, उपाध्यक्ष पं.मोहन बहुगुणा,पं.जगतराम शर्मा, पं.मायाराम गौड़, पं.ओमप्रकाश बहुगुणा, पं.मोहन भट्ट आदि उपस्थित थे।

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