पत्रकार को एक साल की जेल । अदानी मानहानि मामले में पत्रकार को एक साल की सजा, अदालत ने ठहराया दोषी । बिना पर्याप्त प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने वाले आरोप कानूनन अपराध की श्रेणी में ।

अदानी मानहानि मामले में पत्रकार को एक साल की सजा, अदालत ने ठहराया दोषी

नई दिल्ली/गांधीनगर। अदानी समूह से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में गुजरात की एक अदालत ने स्वतंत्र पत्रकार रवि नायर को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है।


यह फैसला अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ओर से दायर निजी शिकायत पर सुनाया गया। कंपनी ने आरोप लगाया था कि पत्रकार द्वारा सोशल मीडिया और प्रकाशित सामग्री में लगाए गए आरोपों से उसकी प्रतिष्ठा और निवेशकों के भरोसे को नुकसान पहुंचा।

क्या है पूरा मामला

मामला वर्ष 2020-21 के दौरान किए गए सोशल मीडिया पोस्ट और लेखों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार पत्रकार ने अदानी समूह के खिलाफ कुछ आरोप सार्वजनिक मंचों पर साझा किए थे। कंपनी ने इसे आधार बनाकर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज कराया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि प्रकाशित सामग्री के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए और इसे मानहानिकारक माना गया। इसी आधार पर अदालत ने पत्रकार को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई।

अदालत की टिप्पणी

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है। बिना पर्याप्त प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने वाले आरोप कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं।

आगे की कार्रवाई

फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील का रास्ता खुला है और बचाव पक्ष ने सजा को चुनौती देने के संकेत दिए हैं।

इस फैसले के बाद देश में कॉरपोरेट मानहानि, सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमा और पत्रकारिता की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

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