भारत में अधिकांश आबादी में विटामिन डी की कमी, लक्षण, कारण और निदान। Vitamin D deficiency in majority of population in India, symptoms, causes and diagnosis.

भारत में विटामिन D की कमी: कारण, लक्षण और उपाय


भारत में विटामिन D की कमी क्यों आम है?


भारत में भरपूर धूप होने के बावजूद, अधिकांश आबादी में विटामिन D की कमी पाई जाती है। इसके पीछे कई कारण हैं:

1. धूप से बचने की आदत – अधिकतर लोग धूप से बचते हैं या सनस्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।



2. शाकाहारी भोजन – भारत में शाकाहार प्रचलित है, जबकि विटामिन D के अच्छे स्रोत मछली, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स हैं।


3. बढ़ती इनडोर लाइफस्टाइल – ऑफिस, स्कूल और घर के अंदर ज्यादा समय बिताने से सूरज की रोशनी नहीं मिलती।


4. प्रदूषण – वायु प्रदूषण धूप के UVB किरणों को अवशोषित कर देता है, जिससे शरीर विटामिन D नहीं बना पाता।


5. त्वचा का रंग – गहरे रंग की त्वचा में मेलानिन अधिक होता है, जो विटामिन D के निर्माण को धीमा कर देता है।


विटामिन D की कमी के लक्षण

शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ ये परेशानियां हो सकती हैं:

1. हड्डियों और जोड़ों में दर्द – खासकर पीठ और घुटनों में दर्द महसूस होना।


2. मांसपेशियों में कमजोरी – थकान और कमजोरी महसूस होना।


3. बार-बार बीमार पड़ना – इम्यून सिस्टम कमजोर होने से सर्दी-जुकाम जल्दी होना।


4. बाल झड़ना – हेयर फॉल बढ़ जाना।


5. मूड स्विंग और डिप्रेशन – चिड़चिड़ापन, तनाव और उदासी महसूस होना।


6. त्वचा में रूखापन और झुर्रियां – त्वचा की चमक कम होना।


7. घाव भरने में देरी – चोट लगने पर जल्दी ठीक न होना।


8. नींद की परेशानी – अच्छी नींद न आना या बार-बार नींद टूटना।


9. डायबिटीज और हाई BP का बढ़ना – लंबे समय तक विटामिन D की कमी से ये बीमारियां हो सकती हैं।




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विटामिन D की कमी दूर करने के उपाय

1. धूप सेंकना

रोजाना 20-30 मिनट सुबह की धूप में रहना जरूरी है।

कोशिश करें कि सुबह 10 से 12 बजे के बीच बिना सनस्क्रीन के कुछ देर धूप लें।


2. सही आहार लें

गाय का दूध, दही, पनीर – डेयरी प्रोडक्ट्स में थोड़ी मात्रा में विटामिन D होता है।

अंडे का पीला भाग (Egg Yolk) – नॉन-वेज खाने वालों के लिए अच्छा स्रोत।

मछली (सालमन, ट्यूना, सार्डिन) – सबसे अच्छा नेचुरल सोर्स।

मशरूम – शाकाहारी लोगों के लिए बढ़िया विकल्प।

सोया मिल्क, संतरे का जूस, ओट्स – विटामिन D से फोर्टिफाइड प्रोडक्ट्स का सेवन करें।


3. विटामिन D सप्लीमेंट्स लें

अगर प्राकृतिक स्रोतों से पर्याप्त मात्रा में विटामिन D नहीं मिल रहा, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन D3 सप्लीमेंट्स लें।

4. नियमित व्यायाम करें

योग, वॉकिंग और हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण बेहतर होता है और हड्डियां मजबूत रहती हैं।

5. शराब और धूम्रपान से बचें

ये शरीर में विटामिन D के स्तर को कम कर सकते हैं।


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भारत में विटामिन D की कमी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसे सही खान-पान, धूप और हेल्दी लाइफस्टाइल से ठीक किया जा सकता है। अगर लक्षण दिख रहे हैं, तो डॉक्टर से टेस्ट (25-Hydroxy Vitamin D Test) करवा कर सही इलाज करवाएं।

अस्वीकरण: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। नमो न्यूज  इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।

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