पुरोला विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ क्यों पनप रहा है मतदाताओं में आक्रोश।

 गजेंद्र सिंह चौहान, पुरोला।

पुरोला विधानसभा राजनीति की वो पाठशाला जहां राष्ट्रीय राजनीति दलों के ही नहीं अपितु राज्य स्तर की पंजीकृत पार्टियों के भी अनुयाई हर गांव मोहल्ले में मिल जाएंगे


जब पूरे देश में कांग्रेस का बोलबाला हुआ करता था तब भी पुरोला में वाम दलों व सोशलिस्ट पार्टीयों के अनुयायियों की भारी संख्या हुआ करती थीं। तब भी पुरोला विधानसभा के लोग सत्ताधारी कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ अपना मत दिया करते थे । उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी अधिकतर पुरोला विधानसभा की जनता ने अपना मैंडेट सत्ता के खिलाफ ही दिया ।

पुरोला विधानसभा में जनता की नाराजगी इस कदर है कि आगामी पंचायत चुनावों में शायद ही कोई व्यक्ति बीजेपी समर्थित उम्मीदवार बनने को तैयार हो ।


नवनियुक्त दर्जाधारी राज्यमंत्री जगत सिंह चौहान के बूथ पर लोकसेवा चुनाव में पार्टी को मिले थे नगण्य वोट

आपदाग्रस्त आराकोट बंगाण क्षेत्र में सरकारी ठेकों की दलाली करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पनप रहे व्यापक आक्रोश का बीजेपी को हो सकता हैं भारी नुकसान।

लोकसभा चुनाव में तत्कालीन मंडल अध्यक्ष सांकरी, मोरी, पुरोला, नौगांव व बर्निगाड के बूथ पर पार्टी का अबतक का सबसे खराब प्रदर्शन।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों के ठेकेदारों/पेटी ठेकेदारों के बूथ पर लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिले थे नगण्य वोट ।

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